खेतासराय। सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक गाजी मियां के मेले में इस साल जायरीन नहीं पहुंचे। मेले में जुटने वाली लोगों की भीड़ और चहल पहल से गुंजायमान रहने वाले गुरुखेत के मैदान में सन्नाटा पसरा है। लॉकडाउन का असर इस ऐतिहासिक मेले पर भी दिखा। जायरीनों ने सादगी के साथ घरों में फातेहा की और मुरादें मांगी।
हर वर्ष जेष्ठ माह की पूूर्णिमा को खेतासराय कस्बे के गुरुखेत के मैदान में ग़ाजी मियां का मेला लगता था। यहां हर वर्ग संप्रदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के मेले में शामिल होते थे। इसी दिन ग़ाजी मियां की सांकेतिक बरात भी निकलती थी। लोग कनूरी फातेहा करते हुए सड़क मार्ग से बहराइच स्थित ग़ाजी मिया की दरगाह तक जाते थे। इस बार लाकडाउन के चलते जायरीनों ने सादगी के साथ घरों में फातेहा की और मुरादें मांगी। जायरीनों ने कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए भी दुआ की।