सूचना के बाद कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के आश्रितों को सरकार से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। फिर भी लोग जाम समाप्त करने के लिए राजी नहीं हुए। एसपी सिटी रामजी सिंह यादव ने समझा बुझाकर डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त करवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिकरारा थाना क्षेत्र के भरथीपुर गांव के दलित बस्ती निवासी अजय कुमार उर्फ पप्पू (25) अपने डेढ़ वर्षीय बेटे मयंक को दवा दिलाने के लिए लाला बाजार स्थित एक निजी चिकित्सक के पास गए थे। दवा दिलवाकर वह लौट रहे थे। बाइक पड़ोसी युवक धर्मराज चला रहा था जबकि अजय बेटे को लेकर पीछे बैठे थे। लालाबाजार में ही वे इलाहाबाद से जौनपुर की ओर जा रहे टैंकर की चपेट में आ गए। टैंकर का पहिया अजय के ऊपर से गुजर गया। जबकि धर्मराट और मयंक पटरी की ओर गिरे जिससे दोनों को मामूली चोटें आई। घटना स्थल पर ही अजय की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक टैंकर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही मृतक की पत्नी पत्नी शांती देवी अपनी चार साल की बेटी बेटी खुशी और परिजनों के साथ रोते बिलखते मौके पर पहुंच गई। मौके पर पांच सौ से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर बेंच रख कर इलाहाबाद-जौनपुर मार्ग जाम कर दिया। सिविल लाइन और जौनपुर डिपो की दो रोडवेज बस और आधा दर्जन ट्रकों को क्षतिग्रस्त कर दिया। लोग डीएम और एसपी को मौके पर आने की मांग कर रहे थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए बक्शा, सिकरारा, लाइनबाजार, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, सुजानगंज, मडियाहूं थाने से भी फोर्स बुला ली गई। एएसपी सिटी रामजी सिंह यादव ने समझा बुझाकर डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त करवाया।