भागमभाग की जिंदगी में लोग इतने तनाव में हैं कि स्वाभाविक हंसी भूल से गए हैं। ऐसे में हंसने का महत्व और भी बढ़ गया है। क्योंकि हंसने से शरीर में ऐसे हार्मोंस बनते हैं जो न केवल हमारे सभी इंद्रियों को सक्रिय करते हैं बल्कि इससे उनका भरपूर व्यायाम हो जाता है।
हंसने से न सिर्फ थकावट दूर होती है बल्कि तनाव भी कम होता है। ब्लड प्रेसर ठीक रहता है और नींद भी अच्छी आती है। विश्व हास्य दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला ने चिकित्सकों से बात कर यह जानने की कोशिश की तो ये रोचक जानकारी सामने आई।
न्यूरो फिजिशियन एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. दिनेश पांडेय कहते हैं कि आपाधापी के इस युग में अधिकतर लोग सुबह से शाम तक अवसाद में रहते हैं। इसके कारण ही लोग शारीरिक -मानसिक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। यही वजह है कि हंसमुख लोग जल्दी बीमार नहीं पड़ते। उनका सामाजिक स्तर अच्छा होता है। हर घंटे अगर इंसान कुछ क्षण के लिए हंस लेता है तो शरीर का व्यायाम हो जाता है।