मौसम ने करवट लिया है। एक पखवारे बाद लोगों को ठंड से हल्का-हल्का निजात मिली है। अधिकतम तापमान बढ़कर 17 से 21 तक पहुंच गया है। अब लोग राहत की सांस ले रहे हैं। रात में ठंड से कंपकपी भी कम हो रही है। दिन में मकर संक्रांति के दिन धूप निकलने से लोगों ने त्योहार ठीक से मनाया।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही ठंड की वजह से लोग परेशान हो गए थे। धूप कभी-कभार निकलती तो थी लेकिन गलन में कोई कमी नहीं रहती। मौसम वैज्ञानिकों का कहना था कि मकर संक्रांति से मौसम में बदलाव होगा। ठीक वैसा ही हुआ। सोमवार को लोगों ने मौसम को करवट बदलते देखा और राहत की सांस ली। विद्यालय कक्षा 8 तक बंद है। वह भी अब खुल जाएंगे। मौसम का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और अधिकतम तापमान घटकर 17 तक आ गया था। लेकिन अब अधिकतम 21 तक पहुंच गया है और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। सिकरारा क्षेत्र के हरदुआ गांव निवासी एक श्रमिक की ठंड लगने से मौत हो गई। वह अपने परिवार का अकेला कमासुत सदस्य था। हरदुआ गांव निवासी लालमणि गौतम(40) समाधगंज बाजार में पल्लेदारी करके अपना परिवार चलाता था। रोज की भांति रविवार को वह काम से शाम को घर लौटा। खाना खा कर अपनी टूटी फूटी झोपड़ी में सोने चला गया। रात में उसकी पत्नी शीला उसको कराहते व कांपते देखा तो उसने अपना भी बिस्तर पति को ओढ़ा दिया और खुद अलाव जलाकर उसके सहारे रातभर बैठी रही। सुबह करीब छह बजे वह पति को जगाने गयी तो उसका शरीर अकड़ गया था। यह देख उसकी चीख निकल गयी। पुरवा गांव निवासी तथा जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्रा मंगला ने मौके पर पहुंच कर उसके अंतिम संस्कार से पूर्व हल्का लेखपाल को सूचित किया। ग्राम प्रधान कन्हई कन्नौजिया ने बताया कि मृत मजदूर की दो बेटियां पूनम(19) सुमन(10)तथा बेटे सन्दीप(14) व प्रदीप(4) की देख रेख करने वाला एक मात्र कमाऊ लालमणि ही था।