मुंगराबादशाहपुर- मंदिर में पूजा अर्चना करती सुहागिन महिलाएं। संवाद
जौनपुर। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को हरितालिका तीज का 24 घंटे निर्जला व्रत रखा। शहर से गांव तक के मंदिरों में प्रदोष काल में मिट्टी से निर्मित उमा-महेश्वर एवं भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। मछलीशहर में पं. देवीप्रसाद मिश्र ने बताया कि व्रत के दिन महिलाओं ने तिल के पत्तों से युक्त जल से अपने सिर को भिगो कर स्नान किया। मंदिर में भगवान शिव को हल्दी, रोली, अक्षत, भस्म, भांग, धतूरा, मदार, बेलपत्र, अर्पण कर देवाधिदेव महादेव की पूजा की। बदलापुर में महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर शाम को शिवालय व तालाब के किनारे बैठकर पूजन किया।
रात्रि जागरण के बाद मंगलवार को किया पारण
पूजन के बाद व्रती महिलाएं हरितालिका तीज की कथा का श्रवण किया। रात्रि में जागरण कर अगले दिन मंगलवार को सुबह व्रत का पारण किया। तीज को लेकर महिलाओं में उत्साह है। सुहागिन महिलाएं इस दिन नए वस्त्र, शृंगार सामग्री एवं पूजन सामग्री के साथ माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना कर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति की कामना की।
द्वारिका धीश मंदिर से निकली शोभा यात्रा। संवाद
द्वारिका धीश मंदिर से निकली शोभा यात्रा। संवाद