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महिला के मैदान में उतरने से हिचकती रही हैं महिलाएं....

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जौनपुर। मल्हनी विधानसभा में 1.73 लाख से अधिक महिला मतदाता एक तरफ मतदान करें तो किसी को भी विधानसभा में पहुंचा सकती हैं। हर पार्टी को महिलाओं का वोट तो चाहिए लेकिन राजनीतिक दल किसी महिला उम्मीदवार को यहां से जिताऊ नहीं मानते हैं। यह दीगर बात है कि मल्हनी विधानसभा गठन के बाद ही एक महिला उम्मीदवार ने निर्दल चुनाव लड़कर उप विजेता बनने का गौरव हासिल किया। महिलाओं वोटरों की तादाद को देखते हुए हर पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठा रही है। चुनाव में अहम भूमिका होने के बाद भी राजनीतिक दलों ने उन्हें प्रतिनिधित्व देना मुनासिब नहीं समझा। अब तक के चुनाव में इस सीट पर महज दो महिला उम्मीदवार मैदान में उतर चुकी हैं, मगर उन्हें भी किसी बड़े दल का समर्थन नहीं मिला। मल्हनी विधानसभा में कुल 362365 मतदाता हैं। इसमें 173354 महिला मतदाता हैं। पहली बार वर्ष 2002 में प्रेमा देवी बीकेडी से मैदान में उतरी थीं। उन्हें इस चुनाव में 1239 वोट हासिल हुए थे। तब इस सीट का नाम रारी हुआ करता था। वर्ष 2012 में मल्हनी के अस्तित्व में आने के बाद निर्दल उम्मीदवार के रूप में डॉ. जागृति सिंह ने भाग्य आजमाया। सपा के पारसनाथ यादव से कड़े मुकाबले में वह उप विजेता रहीं। उन्हें 50100 वोट प्राप्त हुए थे। इस बार उपचुनाव में 16 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें सिर्फ एक महिला उम्मीदवार डॉ. शालिनी मोहन सहाय मैदान में हैं। लकी यादव की पत्नी पुष्पा यादव और धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह ने भी पर्चा दाखिल किया था लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया। अब वे अपने पतियों के प्रचार में लगी हैं।
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