नारी शक्ति स्वरूप है। इसका प्रदर्शन हमेशा नहीं होता लेकिन जब होता है तो इतिहास बन जाता है। नारी शक्ति सर्वोच्चता की प्रतीक है।
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, कुष्मांडा, चन्द्रघण्टा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी एवं सिद्धिदात्री समेत नारी शक्ति की नौ रूपों में पूजा की जाती है। जब राक्षसी शक्तियां नियंत्रित नहीं होती हैं तब नारी शक्ति ही उसका संहार करती है।
उक्त बातें नगर के मोहल्ला नखास में नवीन नवदीप संस्था द्वारा स्थापित पंडाल में नारी शक्ति शस्त्र पूजा के अवसर पर भाजपा नेत्री किरन श्रीवास्तव ने कहीं। इसके पहले उनके समेत नारियों, युवतियों एवं बच्चियों ने हमेशा की तरह शस्त्र
पूजन किया। विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शस्त्र, त्रिशूल, बरछी, कटार, गदा पर तिलक लगाने के साथ ही मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान कार्तिकेय और गणेश की पूजा की। इस मौके पर
देवी के जयकारे से माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय सहमंत्री तरून शुक्ल, राकेश श्रीवास्तव, बजरंग दल के जिला संयोजक विनय मौर्य, देवी सेवक, महेश सेठ, रविन्द्र द्विवेदी, अजय पाण्डेय, रामजी
जायसवाल, सौरभ सेठ, संजय शुक्ल, हिमांचल सेठ, रोहन सिंह, बबलू जायसवाल, चन्द्रशेखर, निषाद बबलू, सूरज निषाद, विजय मौर्य, राजू चौधरी, डा. कमलेश, विकास निषाद, लक्ष्मण बेनवंशी, सीता जायसवाल, तेजस्वी, शिल्पी, आंचल, पम्मी, शालिनी, उजाला, पुष्पा देवी, विदिशा देवी, तेजस आदि रहे।