जमीन में पैसा निवेश करने और उसके एवज में चार पहिया वाहन मिलने के लालच में महिला ने सात लाख रुपये गंवा दिए। पैसे देने के बाद न तो जमीन मिली और ना ही चार पहिया वाहन। लल्लापुर निवासी पीड़िता की शिकायत पर जफराबाद थाने में सात साल बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
थानाक्षेत्र के लल्लापुर गांव निवासी अंजलि तिवारी पत्नी कमलेश तिवारी ने शुक्रवार को जफराबाद थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उसके एक दूर के रिश्तेदार रविकांत मिश्रा उर्फ विपुल जो कि वाराणसी जिले के सिंधोरा क्षेत्र के दीनदासनगर गांव का निवासी है और जमीन का कारोबार करता है। उसने बनारस में एक जमीन के निवेश को लेकर अंजलि से बातचीत की और 10 अगस्त 2017 को तीन लाख रुपये जमीन में निवेश कराने के नाम पर ले लिया। कुछ दिनों बाद उसी जमीन में चार लाख और निवेश कराए। लालच दिया कि इस बार चार पहिया वाहन भी मिलेगा। रविकांत ने अंजलि को झांसे में लेकर कुल दो किस्तों में सात लाख रुपये हड़प लिए। महिला को ठगी का अहसास तब हुआ, जब पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी महिला को न तो चार पहिया वाहन मिला ना ही जमीन। वर्षों तक महिला अपने पैसे और गाड़ी के लिए आरोपी से संपर्क करती रही। जब अंजलि को पैसे डूब जाने का खतरा समझ में आया तो उसने दीवानी कचहरी से लीगल नोटिस भिजवाया। आरोप है कि लीगल नोटिस से खफा आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के साथ अंजलि के घर पहुंचकर गालीगलौज की और धमकी दी। शुक्रवार को पीड़िता ने परिजनों के साथ जफराबाद थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक जेपी यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।