शाहगंज। कोतवाली क्षेत्र के सिधाई गांव में सबकुछ अच्छा चल रहा था, लोग खुशी से अपने अपने काम में लगे थे, इसी बीच न जाने किसकी नजर लगी कि मंगलवार की शाम पूरा माहौल ही गमगीन हो गया। सगे भाई-बहन ने फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार को जब दोनों का शव एक साथ अंतिम संस्कार के लिए जा रहा था तो गांव के हर व्यक्ति की आखें नम हो गईं। पिलकिछा घाटपर एक साथ चिता सजती देख हर किसी की आखों से आंसू छलक पड़े। उधर, मृतकों के घर से मिले बहन के सुसाइड नोट में भाई की पीड़ा झलकती नजर आई। हालांकि पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
सिधाई गांव निवासी दरोगा राजभर का छोटा पुत्र राजकपूर व पुत्री पुष्पा का शव कमरे में लगे पंखे के हुक के सहारे एक फंदे से लटकता हुआ मिला था। पुलिस दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रात करीब दस बजे परिजनों को मृतक के कमरे से सुसाइड नोट लिखा मिला। परिजनों के अनुसार, सुसाइड नोट पुष्पा ने अपने हाथों से लिखा था, उसी की हैंडराइटिंग बताई गई। सुसाइड नोट में मृतका ने अपने भाई की लगातार बिगड़ती हालत का जिक्र करते हुए मौत को गले लगाने की बात करते हुए माफी मांगी थी।
विदेश से लौटा तो सड़क दुर्घटना में हुआ था घायल
पुष्पा और राजकपूर के भाई देशराज बताते हैं कि फंदा लगाकर जान देने वाला भाई राजकूपर सऊदी अरब में रहकर कमाई कर रहा था। वहां से लौटने के बाद उसकी करीब तीन वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना हो गई थी, जिसमें वह अपाहिज हो गया था। ऐसे में उसकी दैनिक दिनचर्या को संभालने का काम बहन कर रही थी। इधर, इस बहन की शादी के लिए पिता लोगों से चर्चा कर रहे थे और उसकी शादी तय करने की तैयारी कर रहे थे। यह बात बहन को कचोट रही थी कि अगर मेरी शादी हो जाएगी तो मेरे इस भाई की देखभाल कौन करेगा। भाई की तबीयत लगातार खराब हो रही है और घर के हालात भी बेहतर नहीं है। भाई की बीमारी व घर के हालात के बीच जिंदगी जी रही पुष्पा ने आखिर मौत का रास्ता चुना और सुसाइड लिखकर अपने भाई के साथ आत्महत्या कर ली।
छोटी बहन की शादी को लेकर चिंतित रहता था राजकपूर
पुलिस के अनुसार राजकपूर का परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है। बड़ा भाई देशराज लुधियाना में रहकर कमाता है। दो अन्य भाई शाहगंज में वेल्डिंग का काम कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। पांच वर्ष पूर्व राजकपूर का विवाह अमरेथू की रेनू के साथ हुआ था। दोनों से एक चार वर्षीय पुत्र प्रियांशु है। बहन पुष्पा सबसे छोटी है। पुष्पा नगर के सेंट थामस रोड स्थित महिला डिग्री कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। मृतक पुष्पा की शादी के लिए सभी भाइयों ने रिश्ता भी देखा था। राजकपूर जब स्वस्थ था तब पुष्पा की पढ़ाई-लिखाई का खर्चा उठाता था। तीन वर्ष पूर्व दुर्घटना के बाद मृतक राजकपूर लाचार हो गया और बेड पर ही पड़ा रहता था। उसे बहन की चिंता सताने लगी थी।
मृतकों के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। परिवार के लोग बता रहे हैं कि वह पुष्पा की हैंडराइटिंग है। इसकी जांच की जा रही है। आगे उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। हर पहलु पर जांच हो रही है। - सदानंद राय, प्रभारी निरीक्षक