फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथ में नियुक्ति पत्र मिला तो खुशी से झूम उठे शिक्षक

विज्ञापन
सिद्दीकपुर स्थित मां दुर्गा जी विद्यालय में आयोजित शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम न? - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। धरना प्रदर्शन और कोर्ट-कचहरी की लंबी परिक्रमा के बाद शनिवार को हाथ में शिक्षक बनने का नियुक्ति पत्र मिला तो अभ्यर्थी खुशी से झूम उठे। नव नियुक्त शिक्षकों ने सरकार का भी शुक्रिया अदा किया। शहर से सटे सिद्दीकपुर स्थित मां दुर्गा हायर सेकेंड्री स्कूल में शनिवार को समारोह के बीच आवास एवं शहरी नियोजन राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। कुल 579 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया।
विज्ञापन

नियुक्ति पत्र वितरण के लिए दोपहर दो बजे से समय निर्धारित किया गया था लेकिन अभ्यर्थी यहां नौ बजे से ही स्कूल परिसर में पहुंचने लगे थे। कुछ लोग अकेले नियुक्ति पत्र लेने पहुंचे थे तो कुछ अपने परिवार के दूसरे सदस्य और साथियों के साथ भी यहां पहुंचे थे। स्कूल परिसर में अभ्यर्थियों को बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई थी।
जफराबाद विधायक डॉ हरेंद्र प्रसाद सिंह, बदलापुर के विधायक रमेश मिश्र, डीएम दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ अनुपम शुक्ला की मौजूदगी नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों से ही पढ़ लिखकर जिले की तमाम प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। उन्होंने डीएनए वैज्ञानिक डॉ लालजी सिंह और पूर्व कुलपति डॉ कीर्ति सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति आज इस संकल्प के साथ जाएं कि वे परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट विद्यालयों से आगे ले जाएंगे।
विज्ञापन

जिले में अब तक 2232 शिक्षकों को मिल चुकी नियुक्ति
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भी नव नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए पूरी लगन और निष्ठा के साथ तालीम की रोशनी फैलाने के लिए प्रेरित किया। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में कुल 2232 शिक्षकों का आवंटन हुआ था। इसमें से प्रथम चरण में 1492 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण में 627 शिक्षकों का आवंटन हुआ है, जिसमें से 579 शिक्षकों को यहां नियुक्ति पत्र दिया गया है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के सरोखनपुर निवासी योगेंद्र शर्मा के दादा अमृतलाल शर्मा भी परिषदीय विद्यालय में अध्यापक थे, उनका छोटा भाई बृजेंद्र पांच साल पहले से अध्यापक है अब वह खुद भी अध्यापक बन गए। अमृतलाल की दूसरी पीढ़ी के अध्यापक बनने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। योगेंद्र शर्मा का कहना है कि वह 2011 से ही नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसके पहले 72 हजार शिक्षक भर्ती में भी आवेदन किया था लेकिन मेरिट में पीछे रह गए थे। लंबे संघर्ष के बाद अब नियुक्ति मिली है तो खुशी हो रही है।
पिछली दफा जब कोर्ट कोर्ट ने आधी सीटों पर भर्ती का आदेश दिया और उस लिस्ट में नाम नहीं आया तो निराशा हो गई थी। आज नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुश हूं। सबसे पहले पिताजी को फोन कर खुशी साझा की। शिक्षक बनाना उन्हीं का सपना था। - रचना यादव, आजमगढ़।
परिवार में उनसे पहले कोई शिक्षक नहीं था। वह पहली सदस्य है जो शिक्षक बनी हैं। इस सफलता पर पूरा परिवार और रिश्तेदार भी खुश हैं। शिक्षक के रूप में बच्चों का भविष्य संवारने की पूरी कोशिश करुंगी। -कल्पना पटेल, प्रयागराज।
वैसे तो वह सिविल सेवा में जाना चाहती थी लेकिन मौका मिला तो शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर दिया। आज हाथ में नौकरी है तो अच्छा लग रहा है। सिविल सेवा के लिए आगे भी कोशिश जारी रहेगी। - बिंदु दुबे, प्रयागराज।
जिला अस्पताल पहुंचे अभ्यर्थी, नहीं मिले डॉक्टर
जौनपुर। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए। दूरदराज से पहुंचे अभ्यर्थियों की कोशिश थी कि वह उसी दिन मेडिकल भी करा लें। जिला अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मायूसी हाथ लगी। अस्पताल की ओपीडी से चिकित्सक व कर्मचारी जा चुके थे। अभ्यर्थी काफी देर तक भटकते रहे। उनका कहना था कि सीएम ने आज ही मेडिकल के लिए स्पेशल ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे। बावजूद यहां कोई व्यवस्था नहीं है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने दोपहर दो बजने का हवाला देते हुए अगले दिन आने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें