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Jaunpur News: मांगें पूरी नहीं हुईं तो लेखपालों ने अतिरिक्त हलके के काम का किया बहिष्कार

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रजिस्ट्रार कानूनगों के यहां बस्ता जमा करते मड़ियाहूं तहसील के लेखपाल। संवाद
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मड़ियाहूं।
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आठ सूत्री मांगों के लिए 19 सितंबर को मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपने के बाद मंगलवार को तहसील के लेखपालों ने अपने मूल हलके के अलावा अतिरिक्त हलकों के कार्यों का बहिष्कार कर दिया। अध्यक्ष अनिल कुमार और महामंत्री शिवशंकर यादव के नेतृत्व में लेखपालों ने अपने बस्ते कानूनगो कार्यालय में जमा किए। चेतावनी दी कि मांगे पूरी नहीं होने पर ग्राम सचिवालय रोस्टर का भी बहिष्कार किया जाएगा।
लेखपालों ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, अतिरिक्त हलकों का कार्य और अवकाश के दिनों में ड्यूटी से परेशानी हो रही है। लेखपालों ने मोटरसाइकिल भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह, विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 और स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये करने की मांग की है। इसके साथ अंतर मंडलीय स्थानांतरण, चयन साल 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने और साल 2024 में नियुक्त लेखपालों के विभागीय परीक्षा परिणाम व प्रमाणपत्र घोषित करने की मांग भी शामिल है। लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में पृथक कक्ष, फर्नीचर, अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि एक लेखपाल के जिम्मे चार-पांच गांव होने से आईजीआरएस, आय-जाति-निवास, वरासत और पैमाइश समेत अन्य कार्यों का समय से निस्तारण मुश्किल है। अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि मड़ियाहूं तहसील में वर्तमान में 43 हलकों में लेखपाल नहीं हैं। इससे अन्य लेखपालों पर अतिरिक्त हलकों का कार्यभार पड़ रहा है। लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, पद को तकनीकी घोषित करने तथा लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
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मछलीशहर में 36 लेखपालों ने अतिरिक्त गांवों का कार्य वापस कर दिया। संगठन के मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि 137 लेखपाल में से 36 को अतिरिक्त गांवों का कार्य सौंपा गया था। लेखपाल संघ ने 19 सितंबर को विभिन्न आठ सूत्री मांगों को लेकर मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा था। मांग पूरी नहीं हुई तो मंगलवार को संगठन की बैठक में विरोध व्यक्त करते हुए अतिरिक्त 36 गांवों का बस्ता रजिस्ट्रार कानूनगो को सौंप दिया है।
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