जौनपुर। जिले में गेहूं की मड़ाई भले ही पूरी हो गई, लेकिन क्रय केंद्र गेहूं खरीद में पिछड़ते जा रहे हैं। कारण अभी तक सरकारी की ओर से गेहूं खरीद का लक्ष्य तय नहीं हुआ है। क्रय केंद्रों पर लापरवाही व अव्यवस्था की भरमार है। कहीं संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं तो कहीं गांवों को दूरदराज के केंद्रों से संबद्ध कर दिया है। इसी का नतीजा है कि 22 दिन बाद भी अब तक महज 560 किसानों से 2611 एमटी ही गेहूं की खरीद हुई है। जिले में किसानों को गेहूं बेचने में सहूलियत और बिचौलियों बचाकर उचित मूल्य दिलोन के लिए कुल तीन एजेंसियों के 110 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 25, पीसीएफ के 84 और एफसीआई का एक क्रय केंद्र है। इन सभी केंद्रों को किसानों से गेहूं खरीदने के लिए एक अप्रैल से सक्रिय कर दिया गया था। लेकिन केंद्र प्रभारियों के लापरवाही और सुविधाओं के अभाव के कारण गेहूं की खरीदारी काफी धीमी हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में आठ लाख 60 हजार किसान हैं, लेकिन अभी तक महज 560 किसानों से गेहूं की खरीद की गई है। इस दौरान सभी क्रय केंद्र मिलकर महज 2611 एमटी गेहूं की खरीद की गई है। ब के क्रय केंद्र मई पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर आएं। वह रजिस्ट्रेशन कराने सहज जनसेवा केंद्र पहुंचे तो पता चला कि उनका गांव यहां से 15 किमी दूर चितौड़ी क्रय केंद्र से संबद्ध किया गया है। अब उन्हें गांव के बगल में स्थित क्रय केंद्र को छोड़कर 15 किमी दूर दूसरे क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए जाना होगा।