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Jaunpur News: व्हाट्सएप हैक कर हो रही ठगी, पांच दिनों में चार मामले

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-डिलिवरी सर्विस से जुड़ा व्यक्ति बताकर करते हैं पूछताछ, फिर लगा रहे चूना
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संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। व्हाट्सएप हैक करके ठगी के मामले आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर व्यापारी वर्ग के लोग फंस रहे हैं। साइबर थाने इस तरह की ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। साइबर थाने में पांच दिनों में चार मामले आए हैं।
पीड़ितों से मिली जानकारी के अनुसार स्कैम में लोगों की मोबाइल में कॉल/मैसेज आ रहा है। कॉल करने वाला खुद को डिलिवरी सर्विस से जुड़ा व्यक्ति बताता। इसके बाद वह कहता है कि आपका एक पार्सल भारतीय डाक से आया है, लेकिन सर्वर में दिक्कत से डिलिवरी नहीं हो पा रही है। कृपया दिए गए नंबर पर डिलिवरी बॉय से बात कर लीजिए। इसके बाद मैसेज में कोड के साथ नंबर आएगा, जैसे: जिसके आगे *21* लिखा होगा। पीड़ित जैसे ही यह कोड डायल करते हैं कॉल फॉरवर्ड हो जाती है, इसके बाद सभी कॉल और व्हाट्सएप की कमांड साइबर ठग के हाथों में चली जाती है। इसके बाद मोबाइल की सभी कॉलें साइबर अपराधी के नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती है। वह आसानी से ओटीपी और पिन के ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। खुद के मोबाइल या सिस्टम पर व्हाट्सएप एक्टिवेट कर और पीड़ित के रिश्तेदारों और दोस्तों को मैसेज/कॉल कर पैसे मांगने शुरू कर देते हैं। बाद में जिस नंबर पर कॉल फॉरवर्ड थी, उसे स्विच ऑफ कर देगा, ताकि पीड़ित के रिश्तेदार/दोस्त कुछ समझ न सकें।
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इसलिए होती है ठगी
-पीड़ित ने बिना समझे यूएसएसडी कोड (*21*) डायल कर लिया।
-डिलिवरी/पार्सल की बात सुनकर जल्दबाजी में कार्रवाई की।
-व्हाट्सएप की ओटीपी सुरक्षा का ध्यान न रखना
-कोई भी कंपनी कभी ऐसे कोड डायल करने को नहीं कहती

इस तरह से होती है ठगी
-व्हाटएसपी हैक होते ही अपराधी आपकी पहचान बन जाता है।
-आपके नाम से पैसे मांगता है।
-आपकी फोटो, चैट और भरोसे का गलत इस्तेमाल करता है।
-रिश्तेदार और दोस्त आसानी से ठगे जाते हैं।
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तुरंत क्या करें?
सभी कॉल फॉरवर्डिंग बंद करने के लिए तुरंत #002# डायल करें। व्हाट्सएप को दोबारा वेरिफाई करें। टू स्टेप वेरफिकेशन के बाद तुरंत चालू करें।
अपने सभी रिश्तेदारों और संपर्कों को सूचित करें। साथ ही साइबर फ्रॉड की स्थिति में 1930 पर कॉल करें शिकायत दर्ज करें।

केस स्टडी
20 जनवरी : पॉलिटेक्निक चौराहा स्थिति अरुण कुमार सिंह की दुकान हैं। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक व्हाट्सएप हैक कर लिया गया। उस समय एआरटीओ कार्यालय में थे। 11:50 बजे छोटे भाई अनुज ने कॉल कर मोबाइल हैक होने की सूचना दी। इसके बाद वह साइबर थाने गए।
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19 जनवरी : ओलंदगंज को रत्न कारोबारी संदीप पांडेय के पास साइबर ठग ने फोन कर गिफ्ट डिलीवरी की बात कही। कार्य में व्यस्त होने के कारण वह ध्यान नहीं दिए। व्हाट्सएप हैक हो गया। उनके परिचितों के पास मैसेज जाने लगे। जब तक साइबर थाना में पहुंचकर मदद लेते तब तक परिचितों से 72 हजार रुपये ठग ले चुका था।
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बक्शा के सद्दोपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि जौनपुर के व्यापारी से लेनदेन है। व्यापारी का व्हाट्सएप हैक हो गया। मैसेज आया कि 37 हजार भेजिए। 30 हजार रुपये भेजे, बाद में व्यापारी ने बताया कि वह ठगी के शिकार हो चुके हैं।
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24 दिसंबर : मीरमस्त निवासी उमेंद्र कुमार का व्हाट्सएप हैक हो गया। उनके रिश्तेदारों व दोस्तों से अर्जेंट पैसों की मांग की जा रही है। वह घबराकर साइबर थाना पहुंचे। शिकायत किए तो साइबर क्राइम टीम ने उनकी मदद की।
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मुंगराबादशाहपुर के आजाद नगर निवासी अरुण कुमार मौर्य ने 10 हजार रुपये की ठगी हुई। जौनपुर के बैटरी व्यापारी से सामान का लेनदेन है। मैसेज आया कि 37 हजार भेजिए। 10 हजार रुपये भेज दिया, बाद में पता चला कि व्यापारी का व्हाट्सएप हैक हो गया और वह ठगे गए हैं।
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