जौनपुर। ज्योतिषी डॉ.रमेशचंद्र तिवारी हत्याकांड का फैसला मंगलवार को आया। इस दौरान सभी 12 आरोपी अपने घर से हाथ हिलाते हुए पहुंचे थे लेकिन सजा सुनाए जाने के बाद हथकड़ी में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजे गए। दोपहर में करीब 1.45 बजे आरोपी कोर्ट में पुलिस न्यायिक अभिरक्षा में प्रस्तुत किए गए। कोर्ट के बाहर व परिसर में पुलिस फोर्स की चौकसी रही। इस दौरान समर्थकों का हुजूम रहा।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रूपाली सक्सेना करीब 2.15 बजे कोर्ट में कुर्सी पर आसीन हुईं। इस दौरान सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में उपस्थित रहे। सभी को कटघरे में खड़ा किया गया। इस दौरान बारी-बारी से जज ने सभी का नाम पूछा और दोषी करार देने के बाद किसी को कुछ कहना है तो अपनी बात रखने का मौका दिया। उसमें से कुछ ही आरोपियों ने कहा कि सजा कम से कम दी जाए और अर्थदंड न्यूनतम लगाया जाए। जज के सजा सुनाए जाने के बाद सभी आरोपियों के चेहरे पर मायूसी नजर आई और सभी इधर-उधर देखने लगे। इस दौरान फैसले की कापी तैयार होने में करीब दो घंटे का समय लग गया। जिसके बाद सभी 12 आरोपियों का हस्ताक्षर कराकर निर्णय की कॉपी दी गई। इसके बाद पुलिस के वज्र वाहन से करीब छह बजे कड़ी सुरक्षा के बीच सभी को जिला कारागार ले जाया गया।
ज्योतिषी डॉ.रमेशचंद्र तिवारी अपने घर पर बैठे थे कि पुलिस की वर्दी में दो शूटरों ने उनकी हत्या कर दी। उनके भाई राजेशचंद्र तिवारी ने बचाव के लिए तो उनको भी आरोपियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। इसमें 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसमें एक शूटर शेरू सिंह की एनकाउंटर कर दिया गया तथा झारखंडे की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने आज 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
-सतीश कुमार पांडेय, शासकीय अधिवक्ता, दीवानी न्यायालय।
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रात में खाया खाना जेल में :-
जेल मैनुअल के अनुसार आरोपियों को रात में दाल, मिक्स सब्जी, रोटी व चावल दिया गया। सभी को बैरक में रखा गया। इस दौरान लंबे समय बाद जेल में जाने पर सभी रातभर करवटे बदलते रहे।