मऊ नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूल भरी आंधी चलने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खराब मौसम के चलते कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी चलने के दौरान कहीं बूंदबांदी तो कहीं बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
सोमवार को आकाश में बादल छाए रहे। धूप-छांव होता रहा। दोपहर बाद मौसम में एकाएक बदलाव देखने को मिला। दोपहर बाद अचानक धूल भरी आंधी से अफरा-तफरी मची रही। खेतों में काम कर रहे किसान आंधी से बचने के लिए सहारा ढूंढने में जुट गए। आसमान में घने बादलों और तेज हवाओं के कारण धूल का गुबार चारों ओर फैल गया। सड़कों पर वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भी आवाजाही में खासी परेशानी हुई।
खराब मौसम को देखते हुए नगर सहित जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसी बीच कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बारिश होने के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली। आद्रता बढ़ने से मौसम ठंडा रहा। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 78 प्रतिशत रही। 19 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आद्रता 55 प्रतिशत रही। जबकि 16 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी।
सूरजपुर
मधुबन तहसील क्षेत्र के विभूति नारायण इंटर कॉलेज के मुख्य गेट के सामने बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गेट के सामने सड़क पर कहीं-कहीं गड्ढे बन गए हैं, जिससेे जलजमाव से अधिक खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से विद्यालय आते-जाते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उन्हें पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। फिसलकर गिरने का भी खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जब पानी भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। इस संबंध में राजकुमार, बृजेश राय, चितरंजन का कहना है कि अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है।