गणेश चतुर्र्थी के पर्व पर गुरुवार को मनाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार में रौनक रही। इस दिन महिलाएं व्रत रहकर पुत्रों की दीर्घायु होने की कामना करती हैं। शहर के ओलंदगंज, कोतवाली, सब्जीमंडी, पालीटेक्निक चौराहा पर कंदा, गुड़, तिल, सिंघाड़ा, गणेश भगवान की प्रतिमा आदि पूजा सामाग्री की खरीददारी हुई।
पुत्रवती महिलाएं पूरे दिन निराजल व्रत रहकर शाम को चंद्रोदय के बाद पूजा करती हैं। मंदिरों को एक दिन पहले ही बिजली की झालरों आदि से सजा दिया गया है।
पूजा में प्रत्येक सामाग्री को चार-चार की संख्या में भगवान गणेश को चढ़ाया जाएगा। महिलाएं गणेश चौथ की चार कथा पढ़ेंगी। कुछ महिलाएं फलाहार और कुछ निराजल व्रत रखेंगी। निराजल व्रत रखने वाली महिलाएं शुक्रवार को सूर्योदय के बाद ही व्रत का पारण करेंगी।