फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए जौनपुर मेें एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति की बैठक में उपस्थिति न होने पर जिला प्रशासन ने बीएसए के खिलाफ शासन को पत्र भेजने की चेतावनी दी है। परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय समिति में बीएसए को सचिव और अपर पुलिस अधीक्षक को सदस्य बनाया गया है।
25 जून को एडीएम ने सभी सदस्यों की बैठक अपने कार्यालय में बुलाई थी लेकिन बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी बैठक में खुद न जाकर एक खंड शिक्षा अधिकारी को भेज दिए। जिले के करीब 14 हजार शिक्षकों की जांच के सिलसिले में बुलाई गई बैठक में खुद उपस्थिति न होने पर बीएसए की लापरवाही मानी जा रही है।
एडीएम की ओर से जारी पत्र में बीएसए को कहा गया है कि बैठक में उनका खुद उपस्थित न होना यह साबित करता है कि इतनी महत्वपूर्ण जांच में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राम प्रकाश ने बताया कि बीएसए को चेतावनी पत्र जारी कर कहा गया है कि 29 जून को दोबारा जांच समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक भी अगर वह पूरी तैयारी के साथ खुद नहीं पहुंचे तो मान लिया जाएगा कि शासन की प्राथमिकता वाली इस जांच को सफल बनाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है और उनके खिलाफ शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।