जिला अस्पताल में स्थापित किया गया 10 बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड।
जौनपुर। जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तैयारियां की गई हैं। सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के वार्डों में बेड आरक्षित कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर और अधिक बेड का विस्तार भी किया जाएगा। सीएमओ डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड रिजर्व कर दिया गया है। इसके अलावा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वार्ड बनाने के साथ ही जरूरी दवाओं की उपलब्धता करा दी गई है। मरीजों को ठंडा वातारण उपलब्ध कराने के लिए कहीं एसी तो कहीं कूलर की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि लू लगने वाले मरीजों को भर्ती कर उनका प्राथमिकता के आधार पर उपचार किया जाए। वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अशोक यादव बे बताया कि गर्मी में हीट वेव की घटनाएं बढ़ जाती हैं। तेज गर्मी और गर्म हवा के कारण लोगों में पेट खराब होना, कमजोरी और थकान आम समस्या है। इसके अलावा कभी-कभी तेज गर्मी से हृदयाघात की आशंका बढ़ जाती हैं। तेज पसीना, चक्कर आना, हृदय की धड़कन बढ़ जाना, शरीर में अचानक ठंड का अहसास, प्यास लगना, गला सूखना आदि लू के लक्षण हैं। इमरजेंसी व अस्पताल के कई स्थानों पर ओआरएस घोल भी रखा जा रहा है, इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।जिले में कुल 22 सामुदायिक एवं 72 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। दूरदराज के ग्रामीणों को हीट वेब की दशा में तुरंत उपचार सुलभ हो सके, इसके लिए यहां भी प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि सीएचसी व पीएचसी पर कम-से-कम पांच बेड का वार्ड हीट वेब पीड़ितों के लिए आरक्षित रखा गया है। उपचार में काम आने वाली दवाएं, ड्रिप और ओआरएस घोल भी अस्पतालों पर उपलब्ध करा दिया गया है। सीएचसी व पीएचसी पर भी मरीजों को भर्ती करने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता करा दी गई है।