बरसठी। क्षेत्र के मंगरमू गांव निवासी विवेक यादव को अपहृत कर भदोही में की गई हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को उसके शव को निगोह बाजार तिराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान पथराव भी हुआ जिससे पुलिस की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इस दौरान एक लेखपाल भी घायल हुआ। पथराव करने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
विवेक यादव (23) का गहली कठरवा गांव के लवकुश यादव, राजू यादव से लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि रविवार की देर शाम विवेक सड़क पर खड़ा था तभी राजू व लवकुश ने उसकी पिटाई की और जबरन अपने साथ लेकर चले गए। दो दिनों तक पता नहीं चलने पर पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। मंगलवार की दोपहर में उसका शव भदोही के ठकुराइन के तारा बीरमपुर गांव में मिला। शव पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार की रात घर पहुंचा। बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार के लिए जा रहे परिजनों व ग्रामीणों ने निगोह बाजार तिराहे पर शवरखकर चक्काजाम कर दिया।
एएसपीआरए शैलेंद्र सिंह, एसडीएम कुणाल सिंह व सीओ विवेक सिंह ने सड़क खुलवाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे।तभी पथराव होने लगा तो पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। बाद में पुलिस जबरन शव को परिजनों के साथ थाने ले आई तो ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर ही पथराव करने लगे। उससे बचने के लिए पुलिस पैदल व गाड़ी से किसी तरह दौड़ते हुए भागने लगी। इसमें लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव घायल हो गए। एएसपीआरए भी मुंह के बल गिरने से बचे। सीओ मड़ियाहूं विवेक सिंह ने बाजार के एक कमरे में जाकर जान बचाई। पत्थरबाजी में पुलिस की गाड़ियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।
भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी तो एसपी डा.अजयपाल शर्मा, एसडीएम कुणाल गौरव व पुलिस फोर्स के साथ बिना हेलमेट के हाथों में लाठी लेकर निकल पड़े। बाजार में घुसकर घर-घर जाकर एसपी ने उपद्रवियों की खोजबीन की। नए उम्र के युवाओं को आगाह किया कि कानून हाथ में न लें। मुकदमा दर्ज हो गया तो नौकरी तक नहीं मिलेगी। डीएम दिनेश कुमार ने भी घटनास्थल का दौरा किया। अब तक 12 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और लोगों की खोज पुलिस कर्मी कर रहे हैं।
कोट
दो यादव पक्ष के लोगों में विवाद था, मारपीट के बाद उसका शव भदोही जनपद में मिला। दाह संस्कार के लिए जा रहे लोगों ने चक्काजाम कर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उनको हटाते हुए दाह संस्कार के लिए भेज दिया। पत्थरबाजी करने वाले चिह्नित हो चुके हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डा.अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक।
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क्षेत्र के मंगरमू गांव निवासी विवेक यादव का अपहरण कर भदोही में हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया। आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को उसका शव निगोह बाजार तिराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में परिजनों व ग्रामीणों ने पत्थरबाजी की। इसमें जहां एक लेखपाल घायल हो गया तो सीओ व एडिशनल एसपी औंधे मुंह गिरते हुए बच गए। उग्र भीड़ ने एडिशनल एसपी व कई थानों की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। पांच घंटे तक चले इस उपद्रव के बाद एसपी ने खुद पहुंचकर घटनास्थल पर कमान अपने हाथ में ले ली, तब जाकर मामला संभला। पुलिस ने अब तक 12 से अधिक की गिरफ्तारी कर जेल भेजा।
मंगरमू गांव निवासी विवेक यादव(23) पुत्र शंकर यादव की गहली कठरवा गांव के लवकुश यादव, राजू यादव से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि बीते रविवार की देर शाम विवेक यादव सड़क पर खड़ा था तभी राजू व लवकुश ने पहुंचकर विवेक की पिटाई की और जबरन अपने साथ लेकर चले गए। दो दिनों तक पता नहीं चलने पर पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। मंगलवार की दोपहर में उसका शव भदोही के ठकुराइन के तारा बीरमपुर गांव में मिला। उसका शव पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार की रात घर पहुंचा। सुबह अंतिम संस्कार के लिए जा रहे सैकड़ों की संख्या में परिजनों व ग्रामीणों ने निगोह बाजार तिराहे पर शव को रखकर चक्काजाम कर दिया। एसडीएम कुणाल सिंह व सीओ विवेक सिंह ने सड़क खुलवाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। एडिशनल एसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह पहुंचे लेकिन उग्र परिवार के लोग व ग्रामीणों ने रोड को जाम कर रखा। इसके बाद भीड़ में से कुछ ने पत्थरबाजी शुरू किया तो पुलिस ने लाठियां भाजनी शुरू कर दी। देखते ही देखते पुलिस व ग्रामीणों में गोरिल्ला युद्ध शुरू हो गया। बाद में पुलिस जबरन शव को परिजनों के साथ थाने ले आई तो ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव करने लगे। उससे बचने के लिए पुलिस पैदल व गाड़ी से किसी तरह दौड़ते हुए भागने लगी। इसमें लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव घायल हो गए। इसी समय एडिशनल एसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह गाड़ी से मुंह के बगल गिरने से बच गए। सीओ मड़ियाहूं विवेक सिंह ने एक बाजार के कमरे में जाकर जान बचाई। पत्थरबाजी में एसपी ग्रामीण की गाड़ी व थाना मीरगंज, नेवढ़िया, पवांरा व सुरेरी की गाड़ी का शीशा टूट गया।
घटना जब नियंत्रित नहीं हो सकी तो पुलिस अधीक्षक डा.अजयपाल शर्मा ने पहुंचकर कमान अपने हाथ में संभाली। वह एसडीएम कुणाल गौरव व पुलिस फोर्स के साथ बिना हेलमेट के हाथों में लाठी लेकर निकल पड़े। इसके बाद बाजार में घुसकर घर-घर जाकर एसपी ने उपद्रवियों को खोजबीन किया। नए उम्र के युवाओं को आगाह किया कि कानून अपने हाथ में मत लीजिए नहीं तो मुकदमा दर्ज होने पर भविष्य में नौकरी नहीं मिलेगी। डीएम दिनेश कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर कड़ी कार्यवाही करने को कहां। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके है और लोगों की खोज पुलिस के कर्मी कर रहे हैं।
दो यादव पक्ष के लोगों में विवाद था, मारपीट के बाद उसका शव भदोही जनपद में मिला। दाह संस्कार के लिए जा रहे लोगों ने चक्काजाम कर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उनको हटाते हुए दाह संस्कार के लिए भेज दिया। इसमें पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित किया जा चुका है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डा.अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक।