जिलाधिकारी के आवास के पीछे बना वेडिंग जोन में पसरा संन्नाटा ।
- फोटो : मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया आरोपी।
जौनपुर। शहर को अतिक्रमणमुक्त करने और स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित करने की योजना जौनपुर में परवान नहीं चढ़ पा रही है। शासन के निर्देश पर लाखों की लागत से शहर में छह अलग-अलग स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाए गए लेकिन हकीकत यह है कि वेंडर वहां जाने के लिए तैयार नहीं हैं। लिहाजा सड़कें ठेलों से पट गईं हैं और आम जनता हर दिन घंटों जाम में जूझ रही है। नगर पालिका ने जिलाधिकारी आवास के पीछे, पॉलिटेक्निक कृषि भवन, नईगंज, बदलापुर पड़ाव, सद्भावना पुल और किले के पीछे वेंडिंग जोन तैयार किए हैं। शहर में कुल 7521 पंजीकृत पटरी व्यवसायी हैं, जिनमें से 200 के लिए जगह आवंटित की गई। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि वेंडिंग जोन ऐसे स्थानों पर हैं, जहां ग्राहक नहीं पहुंचते। वेंडर सर्वेश गुप्ता और संजय के अनुसार, नई जगहों पर बिक्री न होने और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण वे सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर हैं। वेंडरों द्वारा सड़क घेरे जाने के कारण पॉलिटेक्निक चौराहे और कोतवाली के आसपास सुबह-शाम भीषण जाम लग रहा है। 10 मिनट की दूरी तय करने में लोगों को आधा घंटा लग रहा है। नगर पालिका के ईओ पवन कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दुकानदारों को बार-बार चेतावनी दी गई है लेकिन वे जाने को तैयार नहीं हैं। अब जल्द ही इन वेंडरों के खिलाफ सड़क खाली कराने के लिए कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।