मछलीशहर पड़ाव पर सब्जी बेचता ठेले वाला। संवाद
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मौसम में आए बदलाव का सबसे अधिक असर सब्जियों के दाम पर पड़ा है। एक सप्ताह तक हुई बारिश के चलते हरी सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने से किचन का खर्च बढ़ गया है। इससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते सब्जियों की फसल चौपट गई है। उत्पादन कम होने के कारण दाम दो गुना तक बढ़ गए हैं। महिलाओं का कहना है कि किचन का बजट सामान्य दिनों की तुलना में दो से ढाई गुना तक बढ़ गया है। सब्जी खरीदने से पहले एक बार अवश्य सोचना पड़ रहा है। एक सप्ताह के भीतर सब्जियों के दाम में आए उछाल के चलके किचन का संतुलन बिगड़ गया है। खास कर मध्यम वर्ग के परिवार को घर का खर्च चलाना भारी पड़ रहा है।
किसान बसंतु मौर्य का कहना है कि बारिश के चलते फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। फूल गिर चुके हैं। नए फल नहीं लग रहे हैं। बारिश से खेतों में पानी भर गया है। फसल में रोग भी लगने लगा है। जिसके चलते सामान्य दिनों की तुलना में सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं।
व्यापारी रत्तीलाल व मो. शाहिद का कहना है कि सब्जी का उत्पादन कम हो गया है। जो किसान पहले एक क्विंटल सब्जी लेकर आते थे, अब वही किसान झोले में दस से 15 किलो सब्जी लेकर बेचने आ रहे हैं। आलू और प्याज का दाम भी तेजी से बढ़ रहा है। जिसका असर घर के खर्च पर पड़ रहा है।