मछलीशहर। राम मंदिर आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉ. राम विलास वेदांती का सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान निधन हो गया। निधन की खबर लगते ही जगह-जगह शोकसभा भी हुई। वह मछलीशहर से दो बार सांसद भी चुने गए थे।
भाजपा कार्यकर्ता राजेश विश्वकर्मा बताते हैं कि सरल स्वभाव के सांसद डा. वेदांती बाटी चोखा के बहुत ही शौकीन थे। जब भी मछलीशहर आते तो गांव में बाटी चोखा शाम को खाते थे। गांव के एक सामान्य व्यक्ति से भी बहुत ही सम्मान के साथ मिलते थे और क्षेत्र की समस्या भी पूछते थे।
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वह मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से 1996 में 11वीं लोकसभा के लिए तो 1998 में पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र से 1998 में 12वीं लोकसभा के लिए भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए। अयोध्या में श्री राम मंदिर आंदोलन को धार देने के कारण उन्हें राम मंदिर जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा विध्वंस मुकदमें में जिन नेताओं पर केस चला था, उनमें डॉ. वेदांती भी शामिल थे। सीबीआई की विशेष कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाया था।
डॉ. वेदांती सहित सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया। राजेश विश्वकर्मा बताते हैं कि फैसले से पहले डॉ.वेदांती ने एक बार कहा था कि हमने किसी मस्जिद को नहीं, बल्कि मंदिर के खंडहर को तोड़ा था।