अजौनपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की नियमावली के मानकों को ताक पर रखकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सीट वृद्धि के आरोप में छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार को बंद कर दिया। छात्र नेता उद्देश्य सिंह, कौतुक उपाध्याय व विशाल सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध करते हुए सीट वृद्धि वापस लो के नारे लगाए।
छात्र नेता उद्देश्य सिंह ने कहा कि कृषि अनुसंधान परिषद के तमाम मानकों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। तमाम ऐसे निजी महाविद्यालयों को कृषि स्नातक की मान्यता प्रदान कर दी गई है। जो परिषद की नियमावली व मानक के विरुद्ध है। प्रदेश सरकार को जांच कराते हुए ऐसे तमाम महाविद्यालयों को बन्द करने का निर्देश देना चाहिए। जो छात्र वर्तमान में कृषि स्नातक व परास्नातक में शिक्षारत है उनके लिए अलग आयोग का गठन करते हुए उनके भविष्य की चिंता करनी चाहिए। छात्र नेता कौतुक उपाध्याय ने कहा कि मानक के अनुसार एक कक्षा में अधिकतम 60 से 80 छात्रों को बैठने कि ही अनुमति प्रदान है। छात्रों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। छात्रों के लिए बेहतर प्रयोगशालाओं का निर्माण होना चाहिए। छात्रों को कृषि शोध कार्य हेतु भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। मगर दुर्भाग्य का विषय है कि तिलकधारी महाविद्यालय में न तो छात्रों की सुविधा के लिए छात्रावास है और ना ही छात्रों को शोध कार्य हेतु कृषि भूमि उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में यह विश्वविद्यालय बिना जांच किए उन्हें सीट बढ़ाने की अनुमति प्रदान करता है तो यह सरासर तानाशाही रवैया है। छात्र नेता विशाल सिंह ने कहा किस सत्ता के गलियारे में बैठे इन तमाम तानाशाहों की तानाशाही हम नहीं चलने देंगे। कल से हम समस्त छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में आंदोलन को बाध्य हैं। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक हम समस्त छात्र-छात्राएं कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर छात्र नेता अभिषेक त्रिपाठी, प्रिंस जायसवार, अनिकेत सिंह, आयुषी, स्नेहलता, स्तुति श्रीवास्तव, अनीकेश मौर्य ,अनिरुद्ध, सिद्धार्थ सिंह ,सूर्य प्रताप ,सौरभ, अमन, आदित्य, अभिषेक, योगेश, शुभम, गौरव आदि मौजूद रहें।