वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास के बाथरूम में हिडेन कैमरा मिलने का आरोप लेकर छात्राओं का हंगामा रात के तीन बजे तक चलता रहा। कुलपति और पुलिस अधिकारी छात्राओं को समझाते रहे। उनका कहना था कि कहीं भी हिडेन कैमरा मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मीराबाई छात्रावास के बाथरूम में हिडेन कैमरा होने की बात कहते हुए छात्राएं सोमवार रात आठ बजे सड़क पर उतर गईं। शॉवर में कैमरा छिपाने का आरोप लगाते हुए छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। कहा कि बाथरूम के शॉवर में कैमरा छिपाए जाने की संभावना है। छात्राओं का आरोप था कि कैमरा उनके फोन के कैमरा डिक्टेटर एप में सक्रिय दिखा। छह छात्राओं को अज्ञात नंबर से धमकी भरे मैसेज भी प्राप्त हुए हैं। मैसेज में उनके बाथरूम में हिडेन कैमरा होने की धमकी देकर उनसे बात करने के लिए दबाव डाला जा रहा था। पुलिस उनके नंबर को ट्रेस कर गोरखपुर का बता रही है। हंगामे के दौरान एक छात्रा बेहोश होकर गिर गई थी। इस बात की जानकारी छात्रों को हुई तो वे भी समर्थन में आ गए। उन्होंने एक एंबुलेंस समेत कुछ वाहनों को रोककर हंगामा किया। सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने आवागमन बहाल कराया। उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में कोई कैमरा नहीं था। यह सूचना अफवाह थी।
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स्वयं चेक किया, कैमरे की बात अफवाह : कुलपति पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि छह छात्राओं के मोबाइल पर एक ही नंबर से फोन करके अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। छात्राओं ने एक साॅफ्टवेयर के जरिये अनुमान लगाया कि उनके बाथरूम में हिडेन कैमरा लगा है। मैंने स्वयं छात्राओं के साथ कमरे में जाकर चेक किया। ऐसा कुछ नहीं था। उल्टा वाई-फाई के चलते ऐसा बता रहा था। यह अफवाह थी। छात्राओं को शांत कराया गया। उस नंबर की सर्विलांस के माध्यम से जांच कराई जा रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
18 नवंबर 2024 की शाम मीराबाई बालिका छात्रावास (वीबीएसपीयू) के शौचालय में गुप्त कैमरा होने की खबर से छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। घटना के विरोध में छात्रावास की करीब 80-100 छात्राओं ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलते ही अन्य छात्र (लगभग 100-110) भी कुलपति आवास के पास एकत्र हो गए और वार्डेन एवं विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर को हटाने की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा।
पुलिस की जांच के दौरान सामने आया कि मीराबाई छात्रावास की एमएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा समेत छह छात्राओं को एक ही नंबर से कॉल आई। कॉलर ने दावा किया कि उसके पास उनकी वीडियो क्लिप्स हैं। इसके बाद कॉलर ने अपना फोन बंद कर दिया। इस घटना से चिंतित होकर छात्राओं ने एक मोबाइल एप की मदद से शौचालय की जांच की और उन्हें संदेह हुआ कि वहां हिडेन कैमरा हो सकता है। इसके चलते उन्होंने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया।