कंदवा। मां भवानी प्राकट्य स्थल कसवढ़ डेहरियाडीह परिसर में रुद्रचंडी महायज्ञ चल रहा है। इसमें वृंदावन से आए रास कलाकारों ने शुक्रवार की रात रासलीला में पूतना वध लीला का सजीव मंचन किया। मंचन देखकर दर्शक भाव विभोर हो उठे। उन्होंने खूब जयकारे लगाए।
लीला में कृष्ण जन्म के बाद आकाशवाणी सुनकर कंस भयभीत हो जाता है और मंत्रियों को बुलाकर मंत्रणा करता है कि ब्रज क्षेत्र में जन्मे बालकों का वध कैसे किया जाए। लंबी मंत्रणा के बाद पूतना को बुलाया जाता है। पूतना अपने स्तनों पर जहर लगाकर ब्रज में जाती है और यशोदा के घर जाकर श्रीकृष्ण को दूध पिलाती है। श्रीकृष्ण दूध पीकर पूतना का वध कर देते हैं। इससे पूर्व सुबह व शाम विद्वान आचार्यों ने यज्ञमंडप में हवन पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार किया। इस दौरान प्रभाष सिंह ,संजय सिंह आदि मौजूद रहे ।