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Jaunpur News: कान्हा के आगमन पर गूंजा नंद के आनंद भयो...

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मियांचक बाजार में कजरी मुकाबले को सुनती महिलाएं। संवाद
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मुंगराबादशाहपुर। कटरा मोहल्ले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन रविवार को समुद्र मंथन प्रसंग और भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। काशी धाम से आए कथा व्यास आचार्य वीरेंद्र दुबे महाराज ने प्रसंगों की व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और सद्मार्ग का संदेश दिया।
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कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान भोलानाथ केसरवानी, निर्मला देवी, रामगोपाल केसरी, कोमल केसरी, सुशांत केसरी और प्रियंका केसरी ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारकर की। कथा व्यास ने समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि देवताओं और असुरों की ओर से क्षीरसागर के मंथन से विष और चौदह रत्नों के बाद अमृत की प्राप्ति हुई।
उन्होंने इसे मानव जीवन में आत्ममंथन और सद्बुद्धि के जागरण का प्रतीक बताया। कथा स्थल पर पहुंचे श्रीश्री 1008 पीठाधीश्वर जगद्गुरु महामंडलेश्वर संतोष दास जी महाराज (सतुआ बाबा) ने व्यासपीठ का वंदन कर भगवान की आरती की। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कथा में उमड़ा जनसमूह सनातन संस्कृति, धर्मनिष्ठा और पूर्वजों के संस्कारों के प्रति लोगों की आस्था का प्रमाण है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही पंडाल जयकारों से गूंज उठा। वासुदेव के रूप में सजे पात्र ने टोकरी में बाल कृष्ण को लेकर मंच पर प्रवेश किया। नंदबाबा, यशोदा और बाल कृष्ण की सजीव झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कान्हा के आगमन पर यजमान परिवार की ओर से मुद्राएं, खिलौने और चॉकलेट लुटाए गए। महिलाएं मंजीरों और मृदंग की थाप पर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ का गान करती हुई झूम उठीं। उन्होंने कहा कि संतों के सानिध्य और भागवत कथा के आयोजन से मन को शांति मिलती है। ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस दौरान थाना प्रभारी गजानंद चौबे, आलोक कुमार गुप्ता, राजीव गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल, शंकर लाल केसरी, महामंत्री रूद्र केसरी, गणेश, शिवांशी, श्याम कुमार, प्रदीप कुमार व मोहित केशरी आदि लोग मौजूद रहे।
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