जौनपुर। उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन इस बार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कराने जा रहा है, जिसके लिए 31 मई की तिथि प्रस्तावित की गई है। हालांकि, इसी दिन हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) की परीक्षा भी होने के कारण अभ्यर्थियों के सामने असमंजस और दुविधा की स्थिति खड़ी हो गई है। दूसरी ओर, बीएड की सीटें भरने के लिए महाविद्यालयों ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बंटवारे के बाद अब इससे केवल जौनपुर और गाजीपुर जिले के ही बीएड कॉलेज जुड़े रह गए हैं। पहले जहां विश्वविद्यालय से करीब 350 बीएड कॉलेज संबद्ध थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर आधी यानी केवल 193 (जौनपुर के 64 और गाजीपुर के 129 कॉलेज) रह गई है। इन सभी कॉलेजों को मिलाकर कुल 19 हजार 500 सीटों पर काउंसिलिंग के जरिए छात्रों को प्रवेश दिया जाना है। प्रवेश परीक्षा की तिथि जारी होने के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के कई ऐसे महाविद्यालय हैं जिनकी संबद्धता की अवधि पूरी नहीं है या वहां तय मानकों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती तक नहीं है। नियमानुसार, कॉलेजों में शिक्षकों के अनुमोदन के आधार पर ही संबद्धता दी जाती है। ऐसे में प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने से पहले सभी डिफॉल्टर कॉलेजों को हर हाल में मानक पूरे करने होंगे। पिछले साल काउंसिलिंग के बावजूद कई महाविद्यालयों में बीएड की सीटें खाली रह गई थीं। इस बार वैसी स्थिति न बने, इसे लेकर कॉलेज प्रबंधक और संचालक अभी से रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बीएड प्रवेश परीक्षा के संयोजक और राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शंभूराम ने बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा 31 मई को प्रस्तावित है और इसे सकुशल संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्र बनाने सहित अन्य जरूरी तैयारियां तेजी से चल रही हैं।