वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत सामारोह के दीक्षोत्सव पर आयोजित सांस्
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के तहत आयोजित दीक्षोत्सव में बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगीत और लोककला भारतीय सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय चेतना के सशक्त माध्यम हैं। युवा पीढ़ी जब अपनी प्रतिभा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और संस्कृति को मंच पर जीवंत करती है, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सार्थक होता है। दीक्षोत्सव के अंतर्गत विकसित भारत-2047 विषय पर पोस्टर, काव्य लेखन और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। वहीं, सुबह कुलपति सभागार समेत विश्वविद्यालय के सभी विभागों में पुस्तक पठन कार्यक्रम हुआ। संवाद इसमें शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों का अध्ययन कर उन पर अपने विचार साझा किए। पुस्तक पठन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनुराग मिश्र रहे। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा।