मारपीट, पथराव के बीच ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में सपा के 15 प्रत्याशियों का कब्जा हो गया। इसमें नौ प्रत्याशियों का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। छह सीटों पर निर्दली उम्मीदवारों ने भी सपा को शिकस्त दी।
इसमें बक्शा में सिर्फ एक और धर्मापुर में दो वोटों से हार जीत हुई। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सभी 21 विकास खंडों में सपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसमें तीन मंत्री, एक विधायक के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
मंत्री विधायक के परिवार वाले निर्विरोध निर्वाचित हो गए। 12 विकास खंडों में रविवार को हुए चुनाव में सात सीटों पर सपा प्रत्याशियों की जीत हुई। मुफ्तीगंज से हत्या के मामले में जेल में बंद विनय सिंह चुनाव जीत गए।
उनके पिता भी प्रत्याशी थे। लेकिन उन्हें एक भी मत नहीं मिला। बक्शा में सपा के रंजीत यादव एक वोट से सजल सिंह को शिकस्त दी। उधर धर्मापुर में संगीता सिंह ने दो वोटों से सपा की विमलेश यादव से चुनाव जीत गईं।
केराकत से सरिता सिंह, करंजाकला से दीपचंद्र सोनकर, सिरकोनी से बीना सरोज, मछलीशहर से अशोक यादव, मुंगराबादशाहपुर से बृजलाल यादव, बरसठी से हीरावती, खुटहन से सरयूदेई शाहगंज से मनोज यादव, और रामनगर से
अरविंद सिंह निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। सभी निर्वाचित प्रमुखों को जिला निर्वाचन अधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने कलेक्ट्रेट में प्रमाण पत्र सौंपा। इस दौरान बाहर समर्थकों की भीड़ रही।