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Jaunpur News: दो लाख छात्रों को नहीं मिला अंकपत्र, एक हजार को उपाधि का इंतजार

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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वर्ष 2022-23 के करीब दो लाख छात्रों का अंकपत्र नहीं मिल सका हैं, वहीं एक हजार को उपाधि का इंतजार है। वजह कि पूर्व की जिस एजेंसी से काम लिया जा रहा था उसने नवंबर 2022 से छपाई बंद कर दी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से उसको ब्लैक लिस्टेड करके दूसरी नई कंपनी को जिम्मेदारी दी गई। समय से अंकपत्र और उपाधि नहीं मिलने से विद्यार्थी परेशान हैं।
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर व गाजीपुर के महाविद्यालय में अभी मूल अंकपत्र नहीं मिल पाए हैं। प्रिंटिंग और मूल्यांकन के लिए नियुक्त की गई एजेंसी बदल जाने से जो भी परीक्षाएं कराई गईं हैं, उसके मूल अंकपत्र अभी तक छात्रों को नहीं मिले हैं। वहीं विश्वविद्यालय बंद होने के पहले तक एक हजार से अधिक उपाधि के लिए आवेदन मिले हैं। अभी एजेंसी की तरफ से अंकपत्र व उपाधि की छपाई बंद है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अंकपत्र का प्रोफार्मा भी तय किया गया है। मूल अंकपत्र नहीं मिलने से छात्रों ने विभिन्न संस्थाओं में प्रवेश और नौकरी आदि के लिए इंटरनेट जनरेट अंकपत्र को ही प्रमाणित कराके लगा दिया है। वही निर्धारित समय से अधिक होने पर संबंधित संस्थाओं की ओर से छात्रों से मूल अंकपत्र की मांग की जा रही है। ऐसे में विद्यार्थी विश्वविद्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि अंकपत्र जल्द से जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। बाबा भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय सिद्दीकपुर के बीए अंतिम वर्ष के छात्र पंकज यादव, विशाल यादव, शालिनी यादव, रवि सोनकर ने बताया कि उन्हें एक वर्ष से अंकपत्र नहीं प्राप्त हुआ है।
पुरानी एजेंसी ने काम बंद कर दिया हैै। अब नई एजेंसी से काम लिया जाएगा। विश्वविद्यालय बंद होने से पहले एजेंसी को सारी चीज बता दी गईं हैं। जनवरी माह से मूल अंकपत्र और उपाधि छापने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। -बीएन सिंह, परीक्षा नियंत्रक, पूर्वांचल विश्वविद्यालय।
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