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Jaunpur News: पल भर में छिन गई दो परिवारों की खुशियां, नदी में डूबने से दो दोस्तों की मौत से मचा कोहराम

Fri, 25 Jul 2025 12:14 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

जौनपुर में नगर कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना पुल के पास नहाते समय दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। 
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शोक में डूबे परिजन व मृतक हर्ष की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना पुल के पास बुधवार को नहाते समय डूबने से दो दोस्तों हर्ष और मो. जोहैब की मौत हो गई। शव अगले दिन बृहस्पतिवार को मिला। कोतवाल मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के ओलंदगंज निवासी हर्ष श्रीमाली (15) पुत्र परमेश श्रीमाली अपने दोस्त ओलंदगंज निवासी मोहम्मद जोहैब (15) पुत्र बबलू हसनैन के साथ पैदल घूमने गए थे। वह शाम करीब चार बजे घर से निकले थे। पहले दोनों गोपीघाट पर गोमती नदी में नहाने गए थे। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि पानी बढ़ गया है, नहाने मत जाओ। लोगों ने डांटकर उन्हें भगा दिया। 
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इसके बाद दोनों भागकर हनुमान घाट पर चले गए। जहां नहाते समय दोनों डूबने लगे। शाम को 7 बजे जब हर्ष को पढ़ाने के लिए उसके शिक्षक आए तो परिजनों ने उसकी खोज शुरू की। ऐसे में हर्ष के बड़े भाई श्रेयांश व जोहैब के बड़े भाई कैफ दोनों साथ में उन्हें खोजने निकल गए। रात करीब 9.30 बजे फोन आया कि हनुमान घाट पर दो बच्चों के कपड़े व चप्पल पड़े हैं। 

इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने कहा कि गोताखोर सुबह ही मिलेंगे। स्थानीय गोताखोरों ने कोई मदद नहीं की। इसके बाद रातभर परिजन बच्चों को इधर-उधर खोजते रहे। सुबह करीब 5 बजे हर्ष का शव जफराबाद के वसीरपुर में उताराया मिला। सूचना पर परिजन वहां पहुंच गए, उन्होंने पुलिस को बगैर सूचित किए ही अंतिम संस्कार कर दिया। 
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वहीं दूसरे किशोर जोहैब का शव सिपाह के समीप चाचकपुर गुरुद्वारा के पास गोमती नदी में उतराया हुआ मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजनों को उसको मिट्टी दी। घटना के बाद से ही दोनों के घर के बाहर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लगी रही। हर्ष के मौत की सूचना पर मां राज कुमारी, पिता परमेश श्रीमाली, दादी कलावती, बड़े भाई श्रेयांस व छोटे भाई आरव का रो-रोकर बुरा हाल है।
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लॉकडाउन में हुई थी दोस्ती, एक-दूसरे पर छिड़कते थे जान

नगर कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना पुल के समीप ओलंदगंज निवासी दो दोस्तों हर्ष श्रीमाली व मोहम्मद जोहैब की मौत ने दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। दोनों की दोस्ती लॉकडाउन में हुई थी। दोनों दो समुदाय के होने के बाद भी एक दूसरे के ऊपर जान छिड़कते थे। पांच साल से एक-दूसरे के अच्छे दोस्त थे। पिता परमेश श्रीमाली ने बताया कि उनका बेटा बड़ा ही होनहार था, पढ़ने में भी अच्छा था। 

मां राजकुमारी एक दिन पहले अपने पिता की मौत के बाद छमाही कार्यक्रम में मायके प्रयागराज के सैदापुर गई थी। हर्ष बुधवार को पिता के दोस्त संदीप शुक्ला के पास रुहट्टा में उनसे मिलने पहुंचा और अपनी मां से बात की थी। पूछा था कि मां घर कब आओगी। मां ने तीन से चार दिन बाद आने का वादा किया था। रात नौ बजे परिजनों ने मां को घटना की सूचना दी तो रोती-बिलखती आधी रात दो बजे घर लौट आई। 

हर्ष की अपनी मां से मिलने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। पिता ने बताया कि हर्ष को फुटबॉलर बनना था। इसके लिए उसने फुटबॉल की पूरी किट ले रखी थी। वो बहुत अच्छा क्रिकेटर भी था। मोहल्ले के बच्चों के साथ टीम बनाकर क्रिकेट खेला करता था। हर्ष सूर्यबली इंटर कॉलेज में कक्षा 10 वीं का छात्र था। वहीं मोहम्मद जोहैब मदरसा में पढ़ाई करता था। 
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