नगर कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना पुल के समीप ओलंदगंज निवासी दो दोस्तों हर्ष श्रीमाली व मोहम्मद जोहैब की मौत ने दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। दोनों की दोस्ती लॉकडाउन में हुई थी। दोनों दो समुदाय के होने के बाद भी एक दूसरे के ऊपर जान छिड़कते थे। पांच साल से एक-दूसरे के अच्छे दोस्त थे। पिता परमेश श्रीमाली ने बताया कि उनका बेटा बड़ा ही होनहार था, पढ़ने में भी अच्छा था।
मां राजकुमारी एक दिन पहले अपने पिता की मौत के बाद छमाही कार्यक्रम में मायके प्रयागराज के सैदापुर गई थी। हर्ष बुधवार को पिता के दोस्त संदीप शुक्ला के पास रुहट्टा में उनसे मिलने पहुंचा और अपनी मां से बात की थी। पूछा था कि मां घर कब आओगी। मां ने तीन से चार दिन बाद आने का वादा किया था। रात नौ बजे परिजनों ने मां को घटना की सूचना दी तो रोती-बिलखती आधी रात दो बजे घर लौट आई।
हर्ष की अपनी मां से मिलने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। पिता ने बताया कि हर्ष को फुटबॉलर बनना था। इसके लिए उसने फुटबॉल की पूरी किट ले रखी थी। वो बहुत अच्छा क्रिकेटर भी था। मोहल्ले के बच्चों के साथ टीम बनाकर क्रिकेट खेला करता था। हर्ष सूर्यबली इंटर कॉलेज में कक्षा 10 वीं का छात्र था। वहीं मोहम्मद जोहैब मदरसा में पढ़ाई करता था।