जौनपुर ः शहर के घग्घा तिराहे पर लगा भीषण जाम, घंटों चिलचिलाती धूप में कराहते रहे लोग, इस दौरान शारी
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जौनपुर। कोरोना संक्रमण से भले बढ़ रहा हो, मगर लोग मानने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को 59 घंटे के कोरोना कर्फ्यू के बाद बाजार खुलते ही ऐसी भीड़ उमड़ी कि सारे बचाव मानकों की धज्जियां उड़ गई। पुलिस फोर्स के पंचायत चुनाव कराने में व्यस्त रहने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त थी। लोग खुलेआम सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ रहे थे। तमाम लोगों ने मास्क भी नहीं पहना था। भीड़ के चलते शहर घंटों जाम से जूझता रहा।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासन के निर्देश पर शुक्रवार की रात आठ बजे से सोमवार की सुबह सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू था। इस दौरान लोग कर्फ्यू का पालन करते हुए घरों से बाहर नहीं निकले। दुकानें बंद रहीं। बाजारों में सन्नाटा रहा। दिन में भी सड़कों पर राहगीर नदारद थे। माना जा रहा था कि लोग कोरोना के खतरे को महसूस करते हुए खुद से सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन सोमवार को सुबह सात बजे के बाद जैसे ही दुकानें खुलनी शुरू हुई, भीड़ भी बेलगाम होकर खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ पड़ी। सुबह 10 बजे के बाद तो जाम भी लगना शुरू हो गया।
कोतवाली तिराहा, हरलालका रोड, चहारसू, ओलंदगंज, जेसीज आदि इलाकों में काफी देर तक वाहन जाम में फंसे रहे। मंडल के जिले चंदौली में तीसरे चरण के तहत चुनाव के कारण जिले की फोर्स जाने के कारण चौराहों-तिराहों पर सामान्य दिनों में तैनात रहने पुलिस व होमगार्ड के जवान नदारद थे। कुछ जगहों पर महिला होमगार्ड जरूर थी, लेकिन जाम के कारण वह खुद को बेबस पा रही थीं।
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जाम से निजात दिलाने में जिम्मेदार बेपरवाह
सतहरिया। दो दिन के कोरोना कर्फ्यू के बाद सोमवार को सड़कों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। पुलिस प्रशासन की अव्यवस्था के चलते मुंगराबादशाहपुर चौराहे पर जाम की स्थिति बन गई। लोग घंटों जाम में फंस कर प्रशासन को कोसते नजर आए।
कोरोना काल में मरीजों व शादी विवाह के दौर में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में विलंब हो रहा है। चौराहे के पास पुलिस संरक्षण में आटो रिक्शा स्टैंड काफी दिनों से अवैध रूप में चल रहा हैं। वह भी सड़क पर वाहन बेतरतीब खड़ा कर सवारी बैठाते हैं। चिलचिलाती धूप में जाम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। जाम में खासतौर से महिलाएं, बच्चे, वृद्ध व एम्बुलेंस को अच्छी खासी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।