नेवढि़यां थाना क्षेत्र में रविवार की शाम सितमसराय बाजार के हनुमान मंदिर के पास सड़क हादसे में गुतवन निवासी दो सगे भाई घायल हो गए थे। इसमें एक भाई की सोमवार को मौत हो गई थी, हादसे में गंभीर रूप से घायल दूसरे भाई की ट्राॅमा सेंटर वाराणसी में इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही घर में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसर गया।
नेवढ़िया थाना क्षेत्र के गुतवन गांव के संदीप चौबे (32) व संजीव चौबे (30) पुत्र दुर्गा प्रसाद बीते सोमवार की देर शाम बाइक से घर लौट रहे थे। सितमसराय बाजार के हनुमान मंदिर के पास एक अनियंत्रित कार ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इससे दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्हें वाराणसी के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। रात मेंं ही उपचार के दौरान संजीव की मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। संजीव का शव जब मंगलवार को घर पहुंचा परिजन और गांंव वाले उम्मीद लगाए बैठे थे कि संदीप की जिंदगी सलामत रहे लेकिन ईश्वर को कुछ और मंजूर था। मंगलवार रात संदीप ने भी दम तोड़ दिया। संदीप पेशे से वकील थे जो जौनपुर दीवानी में प्रैक्टिस कर रहे थे, वही संजीव किसी कॉलेज में प्राइवेट शिक्षक थे।
दो सगे भाइयों की मौत से गांव में मातम
नेवढ़िया। क्षेत्र के गुतवन गांव में दो दिनों में दो सगे भाइयों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है। शव घर पहुंचते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। मां रोते-रोते बेहोश हो गई, पिता को संभाल रहे लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव की आंखें छलक पड़ी थीं।दुर्गा प्रसाद चौबे को चार पुत्र व दो पुत्री हैं। इसमें संदीप पांचवें नंबर पर और संजीव सबसे छोटे थे। दुर्गा प्रसाद के दोनों बड़े बेटों और दोनों पुत्रियों की शादी हो गई थी। दोनों बड़े बेटे रोजी रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। संदीप और संजीव दोनों की शादी नहीं हुई थी। दोनों की शादी की तैयारी माता-पिता कर रहे थे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। संदीप पेशे से वकील थे जो जौनपुर दीवानी में प्रैक्टिस कर रहे थे, वही संजीव किसी कॉलेज में प्राइवेट शिक्षक थे।