जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश रूपाली सक्सेना की अदालत ने शाहगंज थानाक्षेत्र के कोहड़ा गांव में 29 वर्ष पूर्व हुए जानलेवा हमले के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दो भाइयों सहित चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह राशि पीड़ित घायल के परिवार को दी जाए। घटना 15 अप्रैल 1997 की है। वादी इनरू ने शाहगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि रात के समय रास्ते से आने-जाने के विवाद को लेकर गांव के ही रामनरेश, राजदेव (पुत्रगण जयकरन केवट) और दीपचंद व छटंकी (पुत्रगण राजदेव) ने लाठी-डंडों से उन पर प्राणघातक हमला किया था। इस हमले में इनरू और उनके भाई दलजीत व सर्वजीत को गंभीर चोटें आई थीं। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस की विवेचना और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी पाया। इसी मामले से जुड़े क्रॉस केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने दूसरे पक्ष के तीन भाइयों इनरू, सर्वजीत और दलजीत को भी दोषी माना। हालांकि, उन्हें एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर इस शर्त के साथ रिहा करने का आदेश दिया कि वे 20,000 रुपये का बंधपत्र भरेंगे और भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए सदाचारी बने रहेंगे।