पुलिस अभिरक्षा में दीवानी न्यायालय के लॉकअप से अदालत में पेश करने के लिए ले जाए जा रहे दो बंदियों को गोली मारने के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने गोली मारने वाले मुख्य आरोपी श्रवण यादव को असलहा उपलब्ध कराए थे और रेकी भी किए थे। इस मामले में श्रवण को उसी दिन अधिवक्ताओं के सहयोग से पुलिस ने पकड़ लिया था। करीब एक साल पहले छह मई 2022 को धर्मापुर में एक अंडे की दुकान पर चाकू घोंपकर पहलवान यादव उर्फ बादल की हत्या की गई थी। उस मामले में नामजद दो आरोपियों सूर्य प्रताप और मिथिलेश गिरी को गिरफ्तार कर जिला कारागार में निरुद्ध किया गया था। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था तभी बादल के भाई श्रवण ने न्यायालय परिसर में गोली मार दी थी। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि सनी यादव निवासी धर्मापुर और वीरेंद्र यादव निवासी कबीरूद्दीन थाना गौराबादशाहपुर ने असलहा उपलब्ध कराया था। इसके बाद रेकी भी की थी। ऐसे में दोनों की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही थी। लाइनबाजार कोतवाली प्रभारी संजय वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रसाद तिराहे तिराहे से बाइक सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाइक पर सवार तीसरा व्यक्ति फरार हो गया। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल, एक बाइक बरामद किया गया। पुलिस टीम में एसएसआई कमलेश कुमार वर्मा, प्रभारी निरीक्षक गौराबादशाहपुर देवानंद रजक सहित अन्य पुलिसकर्मी शमिल रहे।