जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रूपाली सक्सेना की अदालत ने सिंगरामऊ निवासी नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म करने के दोषी हरिगेन व कमलेश को 20 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 5500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाया। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश हुआ।
पीड़िता के चाचा के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश से सिंगरामऊ थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादी के अनुसार घटना 12 नवंबर 2016 को 10:00 बजे दिन की है। 12 वर्षीय पीड़िता अन्य बच्चियों के साथ बकरी चराने जंगल में गई थी।वह थोड़ी दूर निकल गई।वहां आरोपी हरिगेन व कमलेश बच्ची का मुंह दबाकर सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना का वीडियो बनाए और पीड़िता को धमकी दिए कि किसी को बताने पर बदनाम कर देंगे और जान से मार देंगे। धमकी देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। गर्भवती होने पर घटना की जानकारी हुई। उन्होंने बनाकर गर्भपात करवा दिया।
इसके बाद से पीड़िता की तबीयत खराब रहने लगी।थाना और पुलिस अधीक्षक को दरखास्त देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल किया। सरकारी वकील ने गवाहों के बयान दर्ज कराए।कोर्ट ने गवाहों के बयान दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोनों आरोपी को दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।