जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव की अदालत ने हत्या के प्रयास के दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार का जुर्माना लगाया है। सरायख्वाजा थानाक्षेत्र के चंबल तारा गांव में 23 मई 1997 को सुबह 7:15 बजे बाइक सवार डॉ. जिलाजीत को जान से मारने की नीयत से फायर कर घायल कर दिया गया था। घटना की प्राथमिकी उसी दिन महिमा प्रसाद ने सरायख्वाजा थाने में दर्ज कराई थी। महिमा प्रसाद व डॉ. जिलाजीत मोटरसाइकिल से जा रहे थे। मोटरसाइकिल चंबल तारा के सामने रोकी कि तभी राजदूत पर रमेश और बृजेश आए। गाड़ी रोककर ललकारते हुए बृजेश ने मुकदमेबाजी की रंजिश में जिलाजीत पर फायर कर दिया। जिलाजीत को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद हत्या के प्रयास में दोषी रमेश और बृजेश निवासी सरायख्वाजा को पांच वर्ष की कैद और 25,000 रुपये जुर्माने से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।