जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने चंदवक क्षेत्र में किशोरी का अपहरण करके दुष्कर्म करने के दोषी संजीव को 20 साल कारावास व 64,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। मामले में पीड़िता के भाई ने चंदवक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी के अनुसार, घटना के एक दिन पहले आरोपी संजीव ने पीड़िता को मोबाइल से फोन किया था कि अगर उसके साथ नहीं गई तो उसके पापा व भाई को जान मार देगा। 25 जून 2023 को वह सुबह घर के पास आया। फोन करके पीड़िता को घर के बाहर बुलाया और बाइक से उसे लेकर पहले अपने घर गया और वहां से लुधियाना ले गया। जहां पीड़िता 10 दिन तक रही। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। संजीव शादीशुदा था। 26 जुलाई 2023 को लुधियाना से लाकर पीड़िता को घर के पीछे छोड़कर भाग गया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल जांच व मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया। विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संजीव को दोषी पाते हुए बीस वर्ष की सजा सुनायी। साथ ही 64,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।