फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: भाई के साले से परेशान होकर केराकत की महिला कांस्टेबल ने फतेहपुर में फंदे से लटक कर दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर/जौनपुर। फतेहपुर के थरियांव थाना परिसर में महिला सिपाही प्रियंका सरोज (26) ने रविवार देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। वह मूलतः जौनपुर के केराकत के पतौरा गांव की रहने वाली थी। बड़े भाई के साले डॉ. चंदन से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वह सिपाही पर शादी करने का बेजा दबाव डाल रहा था। पुलिस ने इस मामले में भाई के डॉक्टर साले, उसकी मां, बहन, मौसी समेत छह पर शादी का दबाव बनाने और प्रताड़ना का केस दर्ज किया है।
विज्ञापन


पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा। एएसपी ने फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचकर घटनास्थल पर जांच की। प्रियंका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पतौरा गांव निवासी संकटा प्रसाद की बेटी प्रियंका पांच साल से थरियांव थाने में सिपाही थी। पिता ने बताया कि बेटी प्रियंका की शादी अरविंद पुत्र कल्पनाथ सरोज निवासी बेलवा बाजार मड़ियाहू जनपद जौनपुर के साथ तय की थी। 18 नवंबर को शादी होनी थी। बड़े बेटे का साला डॉ. चंदन सरोज निवासी पिंडारी थाना केराकत प्रियंका पर शादी का दबाव बनाकर लगातार प्रताड़ित कर रहा था। इससे बेटी परेशान रहती थी। प्रियंका ने इसकी जानकारी मुझे दी थी। रविवार रात 12 से एक बजे के बीच प्रियंका के पास चंदन ने कई बार फोन किया। आरोप है कि इससे आहत होकर प्रियंका ने फंदा लगाकर जान दे दी।

केराकत थानाक्षेत्र के उदयचंद्रपुर निवासी करण और अजीत एक हॉस्पिटल में रहकर डॉ. चंदन के साथ नौकरी करते हैं। वह भी चंदन से शादी के लिए प्रियंका को फोन करके प्रताड़ित करते थे। चंदन की मां हीरामती, बहन सोनम और मौसी संगीता भी शादी के लिए दबाव बना रही थीं। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार राय ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी चंदन, उसकी मां, बहन, मौसी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज करके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन


इंसेट

बेटे पर खुद पर केस दर्ज होते ही मां ने कमरे में बंद किया

बेटे और खुद पर प्रताड़ना का केस दर्ज होते ही डॉ. चंदन की मां हीरामती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। वह किसी से बात नहीं कर रही और न ही मिल रही है।





शांत स्वभाव की थी प्रियंका, तंग आकर उठाया कदम

केराकत। केराकत के पतौरा गांव की सिपाही प्रियंका की जान देने की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देरशाम तक परिजन शव आने का इंतजार करते रहे। परिजनों ने बताया कि वह शुरू से ही शांत स्वभाव की थी, अनचाहे फोन से तंग आकर उसने ऐसा कदम उठाया। प्रियंका सरोज(26) फतेहपुर के थरियांव थाने पर तैनात थी। प्रियंका ने प्राथमिक शिक्षा गांव से ग्रहण की। 2017 में चयन महिला सिपाही के पद पर हुआ। इसने 2020 में मानवेंद्र सिंह सुमन डिग्री कॉलेज पेसारा से नौकरी के दौरान ही बीए की परीक्षा पास की। पिता चाय पान की दुकान चलाते हैं। मां विमला सरोज का सूचना मिलने के बाद ही रो-रोकर बुरा है। देरशाम सूचना पर घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें