मछलीशहर। होली पर्व के अवसर पर त्रिग्रही योग बन रहा है, जो लोगों को सुख, समृद्धि एवं धन की वृद्धि कराएगा। यह संयोग कुंभ राशि में शनि, शुक्र व मंगल की युति से बन रहा है। इसके साथ ही अपनी राशि के अनुसार रंगों का उपयोग करने से राशि के स्वामी की कृपा मिलती है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 24 मार्च रविवार को रात्रि 10-29 से प्रारंभ होगा।
ज्योतिष संतोष तिवारी के अनुसार शनि कर्म और लाभ भाव का कारक है जबकि शुक्र सुख, भोग व वैभव के प्रदाता है। धन के देवता शुक्र के साथ मंगल है। कई वर्षों के बाद ऐसा त्रिग्रही योग होली पर्व पर बन रहा है जो विशेष लाभदायी है। ज्योतिष एवं तंत्र के विद्वान शैलेश मोदनवाल बताते है कि होली में राशियों के अनुसार रंगों का प्रयोग करना विशेष लाभदायी है। मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है, होली पर इस राशि के लोग लाल रंग का प्रयोग करें, साथ ही सिंह राशि के लोग भी लाल रंग का प्रयोग करें। लाल रंग साहस, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। वृष और तुला राशि का स्वामी शुक्र है, इस राशि के जातक सफेद रंग का प्रयोग करें। सफेद रंग शांति और विरक्ति का प्रतीक है। मिथुन और कन्या राशि के लोग हरे रंग का प्रयोग करें। हरा रंग सौम्यता, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। धनु एवं मीन राशि के लोग पीले रंग का प्रयोग करें। पीला रंग बृहस्पति का है जो आशा, मिलन व भावुकता का प्रतीक है। मकर व कुंभ राशि के लोग नीले रंग का प्रयोग करे। यह रंग मानसिक शांति प्रदान करता है। इस प्रकार अपने राशियों के रंगों का प्रयोग कर आप अपने राशियों के स्वामी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।