करंजाकला। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में मंगलवार को मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर एमबीबीएस विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षु चिकित्सकों का आक्रोश फूट पड़ा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की उदासीनता और लगातार अनदेखी से नाराज विद्यार्थियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और वर्तमान मानदेय व्यवस्था को अपमानजनक बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रशिक्षु चिकित्सकों का आरोप है कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हिस्सा उनके कंधों पर टिका होने के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों ने कहा कि वे प्रतिदिन 12 से 18 घंटे तक लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। इमरजेंसी सेवाओं से लेकर रात्रिकालीन ड्यूटी तक का भारी दबाव उन पर रहता है। इसके साथ ही पढ़ाई, परीक्षा, मरीजों की जिम्मेदारी और मानसिक तनाव के बीच उन्हें मात्र 12 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम और अपमानजनक है। विद्यार्थियों का कहना है कि इतने कम मानदेय में आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा संबंधी पुस्तकों का खर्च उठाना संभव नहीं रह गया है। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने में उनकी भूमिका का पूरा लाभ तो ले रहा है, लेकिन उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सबसे अधिक दबाव जूनियर डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं पर पड़ता है, फिर भी उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। कई विद्यार्थियों ने कहा कि लगातार मानसिक दबाव और आर्थिक संकट के कारण भविष्य के डॉक्टरों का मनोबल टूट रहा है। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि मानदेय वृद्धि को लेकर कई बार मांग उठाने के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब तक कोई ठोस वार्ता नहीं की। इससे प्रशिक्षु चिकित्सकों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सम्मानजनक मानदेय वृद्धि और कार्यभार के अनुरूप भुगतान को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने मांग की कि प्रशिक्षु चिकित्सकों के लिए तत्काल मानदेय वृद्धि की जाए, कार्य के अनुसार उचित आर्थिक भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा मेडिकल विद्यार्थियों के मानसिक और आर्थिक कल्याण के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाए। प्रदर्शन करने के दौरान एमबीबीएस के सभी प्रशिक्षु मौजूद रहे।