जौनपुर। मंडी से बाहर कारोबार करने वाले गल्ला व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। अब बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क नहीं वसूला जाएगा। फल और सब्जी पर मंडी शुल्क पर पहले रोक लगा दी गई थी। अभीतक मंडी से बाहर गल्ला खरीदने बेचने का काम करने वाले व्यापारियों से कुल माल का ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क के रूप में वसूला जाता था।
केंद्र सरकार ने मंडी शुल्क की वसूली बंद किए जाने का अध्यादेश पांच जून को जारी कर दिया है। सरकार की अधिसूचना जारी होते ही जिले में भी मंडी समितियों की ओर से टैक्स वसूली का काम बंद कर दिया गया है। जिले में जौनपुर, शाहगंज और मुंगराबादशाहपुर में मंडी समिति है। इन तीनों मंडी समितियों से प्रति वर्ष मंडी शुल्क के रूप में करीब 18 करोड़ का राजस्व मिलता था। सरकार के इस अध्यादेश से राजस्व को क्षति होगी जबकि व्यापारियों को काफी सहूलियत मिलेगी। इतना ही नहीं नई व्यवस्था के तहत अब मंडी से बाहर गेहूं, चावल, दलहन, तिलहन समेत अन्य राशन सामग्री का कारोबार करने वालों को मंडी समिति से लाइसेंस लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी। इससे नए कारोबारियों को भी अवसर मिलेगा।
अवरुद्ध हो सकते हैं विकास कार्य
जौनपुर। मंडी शुल्क वसूली पर रोक लगने से कई विकास कार्य भी अवरुद्ध हो सकते हैं। टैक्स वसूली के बजट से मंडी समिति सड़क निर्माण, पेयजल, व्यापारी दुर्घटना योजना के तहत पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाना जैसे विकास कार्य होते थे। टैक्स वसूलने पर रोक लगने से मंडी समिति की आमदनी बंद होगी तो ऐसे विकास कार्य भी ठप हो जाएंगे।
बढ़ सकती है जमाखोरी
जौनपुर। मंडी के कारोबार से जुड़े जानकारों की माने तो इस व्यवस्था स जमाखोरी बढ़ सकती है। पहले मंडी से बाहर कारोबार करने वालों को भी लाइसेंस लेना होता था। उन्हें लाइसेंस लेने के लिए आवेदन के दौरान ही गोदाम का भी विवरण देना होता था। जिससे मंडी समिति को पता होता था कि इस किस व्यापारी का कहां गोदाम है और उसकी क्षमता कितनी है। लेकिन अब लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म होने के कारण किसी भी कारोबारी का विवरण मंडी समिति के पास नहीं होगा। इससे जमाखोरी बढ़ सकती है।
मंडी शुल्क वसूली बंद होने से किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। किसानों से पहले भी कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था। हां ब्यापारियों को
मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से टैक्स वसूली बंद करने के लिए केंद्र सरकार ने पांच जून को अध्यादेश जारी कर दिया है। अब मंडी के बाहर कारोबार करने वालों से कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा।-ध्रुव कुमार चौधरी, मंडी सचिव