जौनपुर। यात्रियों की सुरक्षा और व्यावसायिक वाहनों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब निजी बसों, टैक्सियों, नेशनल परमिट वाले ट्रकों सहित सभी व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और आपातकालीन पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिए गए हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी। जिले में कुल करीब 11027 कमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। इसमें करीब 1200 नेशनल परमिट वाले वाहन हैं। इन वाहनों में अब व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और आपातकालीन पैनिक बटन लगाया जाएगा। जिसकी प्रक्रिया एआरटीओ की ओर से शुरू कर दी गई है।
परिवहन विभाग की ओर से नई व्यवस्था लागू करने के बाद वाहन की लोकेशन रियल टाइम में मॉनिटरिंग सेंटर तक पहुंचेगी। यदि किसी यात्री विशेषकर महिला, बच्चे या बुजुर्ग को यात्रा के दौरान किसी प्रकार का खतरा महसूस होता है तो वह पैनिक बटन दबाकर तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट भेज सकेगा। इससे दुर्घटना, छेड़छाड़, लूटपाट या अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। विभाग की मानें तो ट्रैकिंग सिस्टम से वाहनों की गति, निर्धारित मार्ग और संचालन की निगरानी भी की जा सकेगी। इससे ओवर स्पीड, निर्धारित मार्ग से भटकने और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन के बिना नहीं होगा फिटनेस प्रमाण पत्र
जौनपुर। ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन नहीं लगे होने की स्थिति में उनके फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट या अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में दिक्कत आ सकती है। वाहनों में लगाए जाने वाले पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस प्रदेश मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। किसी आपात स्थिति में चालक द्वारा पैनिक बटन दबाते ही सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।
व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और आपातकालीन पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक करीब 100 वाहनों में लगा भी दिया गया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी व्यावसायिक वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन लगा दिया जाएगा।-अशोक कुमार, संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक)