जिले में बुधवार को डेंगू के सात नए संक्रमित मिले। ऐसे में अब इनकी संख्या बढ़कर 253 पहुंच गई है। ऐसे में फागिंग तीन विभागों की खींचतान में लटक गई है। स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और पंचायती राज विभाग फागिंग नहीं करा रहे हैं जिसका खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है।
डेंगू से बचाव के लिए फागिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जिले में अब तक मिले 253 मरीजों में से 158 मरीज शहरी इलाकों में मिले हैं। बावजूद इसके विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिन इलाकों में नए मरीज मिलते हैं वहां निरोधात्मक कार्रवाई करना हमारी जिम्मेदारी है। शहरी इलाके में 158 और ग्रामीण इलाके में मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि नियमित रूप से फागिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
जिले में अभी 92 मरीजों का इलाज चल रहा है। जौनपुर सदर में 128 मिल चुके हैं, सिपाह 16, चाचकपुर 12, पुरानीबाजार 10, धरनीधरपुर 6, लाइन बाजार 7, चौकियां 6, कोरापट्टी में 5 मरीज मिले हैं। ग्रामीण इलाकों में बदलापुर 7, करंजाकला 27, खुटहन 9, धर्मापुर 8, मछलीशहर बक्शा 5, सिरकोनी 6 और सोंधी में 5 मरीज मिले हैं। जिन क्षेत्रों में तीन से अधिक डेंगू के मरीज मिल रहे हैं वहां हाट स्टाप बनाकर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 41 हाट स्पाट बनाए गए हैं। डेंगू से पीड़ित अधिकांश लोगों में लक्षण नहीं दिखते। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बुखार के मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियेां के मुताबिक जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में फागिंग की जिम्मेदारी नगर पालिका और पंचायती राज विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग केवल हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में ही फागिंग कराता है। दोनों विभाग यदि चेत ले तो डेंगू मरीजों की बढ़ोतरी पर लगाम लग सकती है।