जौनपुर। कुर्बानी का प्रतीक पर्व बकरीद शनिवार को मनाया जाएगा। इसके लिए मुस्लिम समाज के लोग पूरे दिन तैयारियों में लगे रहे। बाजारों में जरुरी सामानों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ थी तो बकरा मंडी भी गुलजार रही। कोरोना संकट के कारण इस बार कहीं सामूहिक नमाज नहीं होगी। लोगों को घरों में नमाज अदा करनी होगी। कुर्बानी भी खुले में नहीं की जाएगी।
शहर में सुबह से ही बकरीद की खरीददारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। सेवई, मेवा, कपड़ा, सौंदर्य प्रसाधन, जूता-चप्पल की दुकानों पर महिला-बच्चे खरीदारी करते नजर आए। लॉक डाउन के कारण ईद का त्योहार पाबंदियों में बीतने के बाद बकरीद को लेकर उनमें उत्साह बना हुआ है। वह मनपसंद चीजें खरीदने को उत्सुक रहे। नवाब शाह के अहाते में हर साल लगने वाली बकरा मंडी में इस बार पाबंदियों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कुर्बानी के लिए बकरे की खरीद को पहुंचे थे। 35-40 हजार रुपये तक में बकरे खरीदे गए।
कुर्बानी के बदले मिलता है नेकी और सवाब
केराकत। मदरसा मोहम्मदिया मुफ्तीगंज के सदरे मोदर्रिश हजरत मौलाना रईसुल खैरी ने कहा कि अल्लाह को कुर्बानी बहुत ही प्यारी है। जो भी मुसलमान सक्षम है, उस पर कुर्बानी वाजिब है। कुर्बानी की फजीलत बयां करते हुए कहा कि कुर्बानी करने वाले को सवाब मिलता है। कुर्बानी वाले जानवरों का गोस्त को तीन भाग में बांटकर एक हिस्सा अपने लिए इस्तेमाल करें और एक हिस्सा गरीबों यतीमों के लिए और एक हिस्सा रिश्तेदार व दोस्तों व पड़ोसियो में बांट देना चाहिए। गौराबादशाहपुर कस्बा निवासी मौलाना आमिर शीराजी ने कहा कि इस्लामी महीने बकरीद (जिलहिज्ज) की बड़ी फजीलत व अहमियत कुरान व हदीस में आई है। इस महीने के पहले अशरे की इबादत अल्लाह को बहुत पसंद है। मदरसा हनफिया मदीना मस्जिद के पेश इमाम मौलाना कयामुद्दीन ने कहा कि कुर्बानी अल्लाह से मोहब्बत की एक अजीमुशान निशानी भी है। इसे अल्लाह के खलील हजरत इब्राहिम और जबीउल्ला हजरत इस्माइल ने फरमाया है। इस्लाम में खुशी के जितने मौके हैं उन सबके मंजर में कोई ना कोई पैगाम है।
खुले में कुर्बानी न करें:अरशद
जौनपुर। मरकजी सीरत कमेटी अध्यक्ष अरशद कुरैशी ने कहा कि कोविड-19 कोरोना संक्रमण के इस महौल में लोग सुरक्षा के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बकरीद एक अगस्त को मनाया जाएगा। साथ ही साथ कुर्बानी के अंतिम दिन 3 अगस्त को दी जाएगी। उसी दिन श्रावण मास का अंतिम सोमवार और रक्षा बंधन है। हिंदू भाइयों के धार्मिक भावनाओं का भी हमें ख्याल रखना है। कुर्बानी के समय मास्क, ग्लब्स और शारीरिक दूरी का ख्याल रखें। खुले में कुर्बानी कत्तई ना करें। कुर्बानी का फोटो, विडियों सोशल मीडिया पर न डालें।