जौनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत प्रशासन ने मतगणना की तैयारी पूरी कर ली है। दो मई को जिले के 21 ब्लाकों में बनाए गए मतगणना स्थलों पर सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू होगी। सभी गणना स्थल पर न्याय पंचायतवार टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक टेबल पर पांच कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। सबसे पहले ग्राम पंचायत सदस्य, फिर प्रधान, बीडीसी सदस्य और अंत में जिला पंचायत सदस्य के मतों की गिनती होगी। डीएम-एसपी ने कई केंद्रों का भ्रमण कर मतगणना की तैयारियों का जायजा लिया। सुरक्षाकर्मियों को सतर्कता बरतने और कोविड-19 प्रोटोकाल के पालन करने की हिदायत दी।
जिले में प्रधान के 1740, बीडीसी सदस्य के 2027, जिला पंचायत सदस्य के 83 और ग्राम पंचायत सदस्यों के 21544 पद हैं। इसमें बीडीसी के 56 और ग्राम पंचायत सदस्य के तीन हजार से अधिक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। रिक्त पदों के लिए 15 अप्रैल को मतदान हुआ था। इसके बाद मतपेटिकाओं को संबंधित ब्लाक मुख्यालय पर बने स्ट्रांग रूम में रखकर सील कर दिया गया था। कड़ी सुरक्षा में रखी मतपेटिकाएं रविवार को गणना के बाद गांव की सरकार की तस्वीर साफ करेंगी। सुबह आठ बजे स्ट्रांग रूम का ताला खुलने के बाद मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। करीब दस बजे से परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है। सकुशल मतगणना के लिए प्रत्येक टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक और तीन गणना सहायक को लगाया गया है। एक अतिरिक्त गणना सहायक की भी ड्यूटी लगी है, जिस पर मतपेटिकाओं को स्ट्रांग रूम से लाने और ले जाने की जिम्मेदारी है। न्याय पंचायत स्तर पर तैनात एआरओ मतगणना की निगरानी करेंगे। इसके अलावा पूरे ब्लाक की गणना आरओ के निर्देशन में होगी। सभी केंद्र पर एक जोनल मजिस्ट्रेट और संबंधित एसडीएम को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है, जो गणना स्थल पर कानून-व्यवस्था का पालन कराने के लिए उत्तरदाई होंगे।
----
ऐसे होगी मतों की गिनती
चारों पदों की मतगणना एक साथ होगी। प्रत्येक न्याय पंचायत में चार मतगणना टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक-एक ग्राम पंचायत के सभी बूथों की मतपेटी खोली जाएगी और मतपत्रों को पदवार छांट लिया जाएगा। 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाकर रखा जाएगा और मतपत्र लेखा से मिलान किया जाएगा। मतपत्र लेखा से मिलान के समय मतपत्रों की संख्या में अंतर होता है तो आरओ/एआरओ से अभिलिखित करेंगे। पहले ग्राम पंचायत सदस्य के मतों की गणना की जाएगी। इसके बाद क्रमश: प्रधान, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए पड़े मतों की गणना होगी। 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाने के बाद उसका अंकन प्रपत्र-43 गणना पर्ची में किया जाएगा। गणना पर्ची 02 प्रतियों में तैयार की जाएगी। 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाने के बाद उसे प्रत्याशीवार अलग किया जाएगा और 50-50 की गड्डी बनायी जाएगी। संदिग्ध मतपत्रों को अलग रखा जाएगा। एक ग्राम पंचायत की मतगणना पूर्ण होने के उपरांत अगले क्रम में निर्धारित ग्राम पंचायत की मतगणना की जाएगी।
----
जिले पर घोषित होगा जिला पंचायत का परिणाम
प्रत्येक मतगणना स्थल पर ही सभी पदों के मत गिने जाएंगे। ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य के परिणाम की घोषणा ब्लाक स्तर पर होगी, लेकिन जिला पंचायत सदस्य का परिणाम जिला स्तर पर घोषित होगा। इसके लिए एक वार्ड की गणना पूरी होने के बाद उसका विवरण जिला मुख्यालय को भेजा जाएगा। यहां उसका परीक्षण कर आरओ परिणाम घोषित करेंगे।