जौनपुर। सार्वजनिक स्थानों और विद्यालयों में तंबाकू निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाया जाएगा और तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जागरूकता अभियान का प्रारूप बनाकर सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजा है।
साथ ही स्कूल-कॉलेज परिसर में तंबाकू का सेवन करने वालों के खिळाफ कार्रवाई करने को कहा है। प्रधानाचार्यों को प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर इस बाबत की गई कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
विद्यालय परिसर में जो साइनेज (बोर्ड) लगाए जाएंगे उस पर यह लिखा होगा कि परिसर में धूम्रपान निषेध है। यह एक दंडनीय अपराध है। इसका उल्लंघन करने पर दो सौ जुर्माना वसूल किया जाएगा।
शिक्षण संस्थान के सौ गज की परिधि में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय अपराध है डीआइओएस ने सभी विद्यालयों को प्रधानाचार्यों से कहा है कि वे जल्द से जल्द बोर्ड लगवा लें।
तंबाकू पर रोक लगाने की अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर, अक्तूबर से दिसंबर और जनवरी से मार्च की चार रिपोर्ट देनी होगी। डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यो को निर्देश दिया है कि परिसर को नशा मुक्त बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाएं।
परिसर के साथ ही अन्य लोगों को भी तंबाकू का सेवन न करने के लिए जागरूक किया जाए। विद्यालय परिसर में शिक्षक अथवा छात्र यदि नशा करके आते हैं तो उसकी सूचना कार्यालय को उपलब्ध कराएं।