केराकत सीएचसी पर गर्भाशय कैंसर बचाव के टीका का प्रमाण पत्र देते हुए अधीक्षक। स्रोत-संवाद
जौनपुर। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14-15 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाना सबसे प्रभावी उपाय है। यह टीका गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के 90 फीसदी मामलों को रोकने में सक्षम है। सरकार की ओर से टीकाकरण कराया जा रहा है। केराकत : एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के कारण होने वाले सर्वाइकल कैंसर, जननांग मस्से और अन्य कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। महिलाओं में बढ़ते गर्भाशय कैंसर के खतरे को देखते हुए इसके रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के टीकाकरण किया जा रहा है। अधीक्षक डॉ. एके कनौजिया ने कहा कि गर्भाशय कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय रहते टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इससे बचाव संभव है। इसके तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्यकर्मी अभिभावकों को जागरूक करने के साथ-साथ किशोरियों को टीकाकरण के प्रति प्रेरित करेंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी अहम भूमिका रहेगी, जो घर-घर जाकर लोगों को इस टीके के महत्व के बारे में जानकारी देंगी। नेवढ़िया : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के अधीक्षक डॉ. अभिषेक कुमार सिंह ने अपील की है कि 14 से 15 वर्ष की बालिकाएं अपने आधार कार्ड के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण जरूर कराएं।