जौनपुर। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और पछुआ हवा के कारण तापमान में लगातार गिरावट जारी है। बृहस्पतिवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। सुबह के समय कोहरा छाए रहने और सूरज के कसमसाते हुए निकलने के कारण पूरे दिन सर्द हवाओं का असर दिखा। दिन में धूप भले हुई लोग कांपते नजर आए। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि गत 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 11.8 दर्ज किया गया था।
वैसे मौसम तो बुधवार से ही बदला है, लेकिन बुधवार को सुबह ही धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत थी। बृहस्पतिवार की सुबह जब लोगों की नींद खुली तो बाहर घना कोहरा छाया था। सुबह आठ बजे तक तो सूर्य देव के दर्शन तक नहीं हुए थे। कोहरे को चीरते हुए करीब साढ़े नौ बजे सूर्यदेव दर्शन दिए। हालांकि कोहरे के कारण पूरी तरह से मौसम साफ हुआ करीब 11 बजे। बीच बीच तापमान में गिरावट आने के कारण ठंड काफी ज्यादा असरदार रही। दोपहर के समय लोग धूप सेकने का प्रयास तो जरूर किए लेकिन हवा के कारण ज्यादा देर तक बाहर ठहरे नहीं। शाम के साढ़े तीन बजे के करीब ही सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। पांच बजते-बजते तो करीब-करीब सभी लोग घरों में दुबक गए। जिन्हें जरूरी था वहीं लोग बाहर निकले।
इनसेट-
वाहनों की गति धीमी, अलाव बना सहारा
कोहरे के बीच वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। जगह-जगह जलाया गया अलाव ही लोगों के लिए सहारा बना। ठंड बढ़ने के साथ ही कामकाजी वर्ग, मजदूरी पेशा, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग हीटर आदि से ठंड दूर भगाने की मशक्कत करते रहे। इस तरह पूरे दिन लोगों के हाड़ ठंड से कांपते रहे। कपड़ों का भी असर नहीं दिख रहा था। गर्म कपड़े पहने लोग भी कांपते नजर आए। मौसम वैज्ञानिक अगले पांच दिन तक इसी तरह के मौसम रहने की संभावना जतायी है।